– कहा कि पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता
चित्रकूट 15 जनवरी (आरएनएस)। डीएम पुलकित गर्ग ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्मारक भरदेउल मंदिर बरहा कोटरा तथा ऋषियन के नाम से प्रसिद्ध दो विशाल गुफाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस मौके पर उप जिलाधिकारी मऊ, क्षेत्राधिकारी मऊ, कार्यदायी संस्था के सहायक परियोजना प्रबंधक एवं अन्य अभियंता उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान स्मारकों की वर्तमान स्थिति, संरक्षण की आवश्यकताओं एवं आगंतुक सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया गया। बरहा कोटरा में पुरातत्व विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापरक ढंग से पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण उपरांत संरक्षण एवं सुव्यवस्था के दृष्टिगत संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्मारक स्थलों पर सूचनात्मक बोर्ड लगाए जाएं। नियमित साफ सफाई सुनिश्चित करें। पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा के समुचित उपाय हो। संरक्षण मानकों के अनुरूप रखरखाव से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संपादित किया जाए। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के निर्धारित मानकों एवं दिशा निर्देशों के अनुरूप सभी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिससे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण प्रभावी रूप से हो सके और आमजन एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो। इस अवसर पर संबंधित विभाग को आपस समन्वय बनाकर समयबद्ध कार्य पूर्ण करने तथा संरक्षण कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद की पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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गुणवत्ता व समय पर पूर्ण करें पर्यटन विकास के कार्य
चित्रकूट। डीएम पुलकित गर्ग ने ऋषियन आश्रम में संचालित पर्यटन विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। आश्रम में पर्यटन विभाग द्वारा कुल 126.95 लाख की लागत से यात्री निवास, टॉयलेट ब्लॉक, घाट, गजीबो, इंटरलॉकिंग टाइल, हॉर्टिकल्चर, आरसीसी बेंच, डस्टबिन तथा मंदिर के पास स्टोन फ्लोरिंग के कार्य प्रस्तावित हैं। निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल, निर्माण इकाई बाँदा द्वारा कराया जा रहा है। यात्री निवास, टॉयलेट ब्लॉक, गजीबो, घाट, ड्रिंकिंग वॉटर, हैंडवॉश एवं साइट डेवलपमेंट से संबंधित कार्यों की फिनिशिंग प्रगति पर मिली। डीएम ने कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता एवं सहायक परियोजना प्रबंधक को निर्देशित किया कि समस्त कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि तालाब के पास घाट का निर्माण किया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी, मऊ को निर्देश दिए कि संबंधित तालाब की खुदाई कर सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि पर्यटन विकास से जुड़े समस्त कार्य शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं। जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
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