नई दिल्ली 18 Jan, (Rns) : नई दिल्ली में एक बार फिर वायु प्रदूषण और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रविवार सुबह से ही राजधानी और एनसीआर के कई इलाकों में स्मॉग और कोहरे की मोटी परत छाई रही, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। हालात ऐसे हैं कि सड़क, रेल और हवाई यातायात तीनों पर असर देखने को मिल रहा है।
बारापुला फ्लाईओवर, निजामुद्दीन, आईटीओ, मोती बाग और डीएनडी फ्लाईवे समेत कई क्षेत्रों से सामने आए दृश्यों में साफ नजर आया कि पूरा शहर धुएं और कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, मोती बाग इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक 466 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। वहीं आईटीओ क्षेत्र में AQI 443 रिकॉर्ड किया गया, जिसे भी गंभीर श्रेणी में रखा गया है। हालात बिगड़ने के बाद दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप के तहत सख्त पाबंदियां फिर से लागू कर दी गई हैं।
दिल्ली के साथ-साथ उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी घना कोहरा छाया रहा। रविवार सुबह बेहद कम दृश्यता के कारण हवाई सेवाओं पर सीधा असर पड़ा, जिसके चलते एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्राधिकरणों को यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी करनी पड़ी।
घने कोहरे की वजह से उड़ानों के समय में बदलाव की आशंका जताई गई है। एअर इंडिया ने कहा है कि कम दृश्यता का असर उसके पूरे नेटवर्क की उड़ानों पर पड़ सकता है। एयरलाइन के अनुसार, देरी, रूट बदलने या उड़ान रद्द होने की स्थिति में ग्राउंड स्टाफ यात्रियों को हर संभव सहायता देगा।
एअर इंडिया की फॉगकेयर पहल के तहत, जिन यात्रियों की फ्लाइट पर कोहरे का असर पड़ सकता है, उन्हें पहले ही सूचित किया जाएगा। ऐसे यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी फ्लाइट की तारीख या समय बदल सकते हैं, या चाहें तो टिकट रद्द कर पूरी राशि वापस ले सकते हैं।
एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लें और अतिरिक्त समय लेकर यात्रा शुरू करें। एअर इंडिया ने स्पष्ट किया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भी यात्रियों को सलाह दी है कि चेक-इन और सुरक्षा जांच के लिए सामान्य से अधिक समय रखें। गणतंत्र दिवस की तैयारियों के चलते सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री कम है। वहीं अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा और शाम छह बजे नमी का स्तर 72 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 20 जनवरी तक तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है और इस दौरान हल्की बारिश की संभावना भी बनी हुई है। हालांकि 23 से 26 जनवरी के बीच एक बार फिर ठंड बढ़ने के आसार हैं।
इससे पहले शनिवार शाम को दिल्ली की हवा अचानक और ज्यादा खराब हो गई थी। सुबह जहां AQI 354 के साथ ‘बहुत खराब’ श्रेणी में था, वहीं शाम छह बजे यह बढ़कर 416 और रात आठ बजे 428 तक पहुंच गया। इसके बाद प्रशासन ने ग्रैप के तहत स्टेज-4 के कड़े उपाय लागू कर दिए। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ, कमजोर हवाएं और प्रदूषकों का ठीक से न फैल पाना हवा की गुणवत्ता बिगड़ने की मुख्य वजहें हैं।

