नई दिल्ली ,18 जनवरी । अगर आप अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। 1 अप्रैल से देशभर के टोल प्लाजा पर टोल टैक्स चुकाने का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है। सरकार ने फैसला लिया है कि अब टोल प्लाजा पर नकद भुगतान नहीं होगा और टोल सिर्फ स्न्रस्ञ्जड्डद्द या क्कढ्ढ जैसे डिजिटल माध्यमों से ही वसूला जाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने एक इंटरव्यू में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि टोल प्लाजा को पूरी तरह कैशलेस बनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य टोल पर लगने वाले जाम को खत्म करना और यात्रियों को बिना रुकावट सफर की सुविधा देना है।
25 टोल प्लाजा पर चल रहा है ट्रायल
सरकार इस व्यवस्था को लागू करने से पहले परीक्षण कर रही है। फिलहाल देश के 25 टोल प्लाजा पर ‘नो-स्टॉपÓ कैशलेस टोलिंग सिस्टम का ट्रायल चल रहा है। हालांकि अभी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन संकेत हैं कि 1 अप्रैल से यह व्यवस्था पूरे देश में लागू कर दी जाएगी।
जाम और समय की बर्बादी से मिलेगी राहत
वर्तमान में स्न्रस्ञ्जड्डद्द अनिवार्य होने के बावजूद कई टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की सुविधा है, जिससे लंबी कतारें और जाम की स्थिति बन जाती है। कैश भुगतान बंद होने से वाहनों को टोल बूथ पर रुकना नहीं पड़ेगा और सफर पहले से ज्यादा तेज और सुगम होगा।
सरकार के फैसले के पीछे ये हैं प्रमुख कारण
सरकार के अनुसार, कैशलेस टोलिंग से ईंधन की बचत होगी, क्योंकि बार-बार रुकने और चलने से होने वाली पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी। इसके साथ ही सभी लेनदेन डिजिटल होने से टोल कलेक्शन में पारदर्शिता आएगी और समय की भी बचत होगी।
बैरियर-फ्री टोलिंग की ओर कदम
कैशलेस भुगतान को सरकार मल्टी लेन फ्री फ्लो (रूरुस्नस्न) सिस्टम की दिशा में पहला कदम मान रही है। भविष्य में हाईवे से फिजिकल टोल नाके हटाए जाएंगे और कैमरे व सेंसर के जरिए बिना रुके टोल अपने आप कट जाएगा।
ड्राइवरों के लिए जरूरी सलाह
वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि 1 अप्रैल से पहले अपना स्न्रस्ञ्जड्डद्द एक्टिव रखें और उसमें पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें। जिनके पास स्न्रस्ञ्जड्डद्द नहीं है, वे क्कढ्ढ पेमेंट की सुविधा जरूर चालू रखें, क्योंकि डिजिटल भुगतान के बिना टोल प्लाजा पर पहुंचने पर परेशानी या जुर्माना झेलना पड़ सकता है।
00
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

