दावोस ,22 जनवरी । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका अब आठ यूरोपीय देशों पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत टैरिफ नहीं लगाएगा। यह टैरिफ 1 फरवरी से लागू होने वाला था। ट्रम्प ने यह फैसला दावोस में हृ्रञ्जह्र के महासचिव मार्क रुटे के साथ ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र को लेकर हुई बातचीत के बाद लिया।
ट्रम्प ने कहा कि इस बैठक में ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र को लेकर एक संभावित भविष्य समझौते का ढांचा तय किया गया है, जिससे अमेरिका के साथ-साथ सभी हृ्रञ्जह्र सदस्य देशों को लाभ होगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथÓ पर लिखा कि इस समझ के आधार पर टैरिफ लगाने का फैसला वापस लिया जा रहा है।
है कि ट्रम्प ने इससे पहले ग्रीनलैंड पर अमेरिकी भूमिका का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। हालांकि, हृ्रञ्जह्र के साथ सहमति बनने के बाद उन्होंने अपना रुख नरम कर लिया। ग्रीनलैंड फ्रेमवर्क के तहत ट्रम्प और हृ्रञ्जह्र के बीच कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है। इसके अनुसार ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका और हृ्रञ्जह्र मिलकर संभालेंगे। ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा कि इस समझौते का विस्तृत विवरण जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।
ब्रिटिश अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड के कुछ सीमित इलाकों में सैन्य ठिकाने स्थापित करने की अनुमति मिल सकती है। इन ठिकानों का उपयोग जमीन, समुद्र और वायु तीनों स्तरों पर निगरानी और रक्षा के लिए किया जाएगा। इसके अलावा हृ्रञ्जह्र, अमेरिका के प्रस्तावित ‘गोल्डन डोमÓ मिसाइल डिफेंस सिस्टम में भी सहयोग करेगा। फ्रेमवर्क में यह भी शामिल है कि ग्रीनलैंड के खनिज संसाधनों के दोहन में अमेरिका की साझेदारी होगी और रूस तथा चीन को इस क्षेत्र में आर्थिक या सैन्य प्रभाव बढ़ाने से रोका जाएगा।
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