सीएम ने बजट बंगाल की फिर उपेक्षा करने का आरोप लगाया
कोलकाता 1 फरवरी (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की कड़ी आलोचना करते हुए इसे हम्प्टी-डम्प्टी बजट करार दिया। वहीं इस बजट को देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देने वाला करार दिया। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए यह बजट न तो महिलाओं के हित में है और न ही राज्यों की जरूरतों को ध्यान में रखता है। सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बजट में सिर्फ बातें की गई हैं, जमीन पर कुछ भी नहीं है और इससे देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा। सीएम ने बजट को बुरी तरह विफल होने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण के तुरंत बाद बोलते हुए, बनर्जी ने केंद्र पर झूठ का पुलिंदा पेश करने का आरोप लगाया, जो आम आदमी, किसानों और युवाओं की जरूरतों को पूरी तरह से नजरअंदाज करता है। उन्होंने सेंसेक्स के 1,100 से अधिक अंक गिरने के साथ बाजार की तत्काल नकारात्मक प्रतिक्रिया को इस बात का प्रमाण बताया कि बजट न तो विश्वास जगाने में विफल रहा है और न ही उस अर्थव्यवस्था के लिए कोई रोडमैप प्रदान कर पाया है जिसे उन्होंने पूरी तरह से पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था बताया है।
मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल की कथित वंचितता पर विशेष रूप से मुखर होकर कहा कि केंद्र द्वारा इस क्षेत्र से 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर वसूलने के बावजूद राज्य को नए विकास कोष से एक पैसा भी नहीं मिला है। उन्होंने तीन नए आर्थिक गलियारों की घोषणा को मौजूदा राज्य परियोजनाओं का ही नया रूप बताया और कहा कि बंगाल पहले से ही डंकुनी, पुरुलिया और सिलीगुड़ी जैसे केंद्रों को जोडऩे वाले छह ऐसे गलियारों पर काम कर रहा है। बनर्जी ने डंकुनी-सूरत माल ढुलाई गलियारे का श्रेय भी लिया और कहा कि यह 2009 के रेलवे बजट में उनकी मूल परिकल्पना थी जिसे केंद्र ने 15 वर्षों से लंबित रखा है। ममता बनर्जी ने संवेदनशील सांस्कृतिक और चुनावी मुद्दों पर भी बात की और वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रही पुनर्विकास परियोजनाओं की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय निवासियों को दरकिनार करते हुए बाहरी ठेकेदारों को लाकर सरकार असल में काशी में डिज्नीलैंड बना रही है , जिसे वह शहर की प्राचीन विरासत का अपमान मानती हैं। सीएम ने कहा कि इस बजट में पश्चिम बंगाल के लिए एक पैसा भी नहीं रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार बंगाल के साथ भेदभाव कर रही है और राज्य को उसके हक से वंचित किया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में केवल एसआईआर हो रहा है और चुनाव आयोग तथा दूसरी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थाओं का राजनीतिक दबाव बनाने के लिए उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के बजाय खत्म करने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में सिर्फ घोषणाएं हैं, लेकिन आम जनता को राहत देने के लिए कुछ भी ठोस नहीं है। ममता बनर्जी ने बजट में तीन कॉरिडोर बनाए जाने की बात को भी पूरी तरह झूठ बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दिखावा है और इसका कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि यह बजट पूरी तरह दिशाहीन है। इसमें न भविष्य की योजना है और न ही राज्यों और आम लोगों की समस्याओं का कोई समाधान।
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