रुद्रपुर,01 फरवरी (आरएनएस)। हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में भारत बौद्धिक परीक्षा–2026 का आयोजन किया गया। परीक्षा का उद्देश्य युवाओं के समग्र बौद्धिक विकास के साथ-साथ उन्हें प्राचीन भारत की समृद्ध वैदिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना रहा। महाविद्यालय के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह पडिय़ार ने बताया कि प्राचीन भारत में विज्ञान, गणित, चिकित्सा, योग, खगोल विज्ञान, कृषि, अर्थशास्त्र, भाषा विज्ञान, संगीत और नाट्यकला जैसे विषय अत्यंत उच्च स्तर पर विकसित थे। इसी समृद्ध ज्ञान परंपरा के कारण विश्व के अनेक देशों से विद्यार्थी भारत में अध्ययन और शोध के लिए आते थे। नई पीढ़ी को इस विरासत से जोडऩे के उद्देश्य से भारत बौद्धिक परीक्षा का आयोजन किया गया है। परीक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों पर आधारित 180 बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल थे, जिनमें से प्रतिभागियों को 80 प्रश्नों के उत्तर देने थे। इसके साथ ही विद्यार्थियों की विश्लेषण क्षमता, तार्किक सोच और अभिव्यक्ति कौशल के मूल्यांकन हेतु चार वर्णनात्मक प्रश्न भी पूछे गए। परीक्षा के लिए 85 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया, जबकि 65 ने परीक्षा में सहभागिता की। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पंकज कुमार पांडे ने प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को 16-17 फरवरी को जयपुर में आयोजित एनएसआईएल कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को महाविद्यालय की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। परीक्षा में आब्जर्वर के रूप में राजकुमारी अग्रवाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्राचार्य प्रतिनिधि त्रिलोक जोशी उपस्थित रहे।
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