सागर 4 फरवरी (आरएनएस)।मध्य प्रदेश की राजनीति के दिग्गज नेता और रहली विधानसभा से भाजपा विधायक गोपाल भार्गव ने ब्राह्मण समाज की वर्तमान स्थिति को लेकर एक तीखा और भावुक बयान दिया है। सागर के रविंद्र भवन में आयोजित ‘ब्राह्मण समाज की पत्रिका विमोचन एवं मेधावी छात्र सम्मान समारोहÓ में बोलते हुए भार्गव ने राजनीतिक दलों पर ब्राह्मणों को हाशिए पर धकेलने का आरोप लगाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों का एकमात्र एजेंडा ब्राह्मण समाज को निशाना बनाना रह गया है।
गोपाल भार्गव ने पुरानी सरकारों और वर्तमान समय के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए समाज की घटती राजनीतिक हिस्सेदारी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय था जब शासन और प्रशासन में ब्राह्मणों का दबदबा हुआ करता था। सत्ता में भागीदारी पर उन्होंने कहा कि पहले मुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और मंत्रिमंडल के आधे से ज्यादा सदस्य ब्राह्मण समाज से होते थे।
भार्गव के अनुसार, आज राजनीतिक समीकरणों के कारण समाज के प्रतिनिधि गिने-चुने रह गए हैं, जो समाज के भविष्य के लिए एक चिंताजनक संकेत हैं।
विधायक ने समाज के प्रबुद्ध वर्ग और युवाओं से आह्वान किया कि अब चुप्पी तोडऩे और संगठित होने का समय आ गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर समाज एकजुट नहीं हुआ, तो आने वाले समय में चुनौतियां और अधिक कठिन हो जाएंगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ब्राह्मण समाज को अपने खोए हुए सम्मान और राजनीतिक अधिकारों को वापस पाने के लिए सामूहिक मंथन करना होगा।
भाजपा के इतने वरिष्ठ नेता द्वारा अपनी ही पार्टी के दौर में इस तरह का बयान देना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का मानना है कि भार्गव का यह बयान केवल सामाजिक नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी बड़े संकेत दे रहा है, खासकर तब जब वे खुद लंबे समय तक कैबिनेट का हिस्सा रहे हैं और अब एक विधायक के रूप में अपनी बात रख रहे हैं।

