नई दिल्ली ,05 फरवरी । मुंबई में एक 68 वर्षीय व्यक्ति से शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर करीब 11 करोड़ रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगों ने इतनी योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया कि पीडि़त को लंबे समय तक धोखाधड़ी का आभास ही नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग ने इंटरनेट पर शेयर मार्केट से जुड़ा एक आकर्षक विज्ञापन देखा था, जिसमें कम समय में भारी मुनाफे का दावा किया गया था। विज्ञापन पर भरोसा कर उन्होंने उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया।
व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए बनाया भरोसे का जाल
लिंक पर क्लिक करते ही पीडि़त को एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। इस ग्रुप में खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताने वाले फर्जी एनालिस्ट और कुछ कथित निवेशक लगातार बातचीत कर रहे थे। ग्रुप में आईपीओ, प्रेफरेंशियल शेयर और गारंटीड मुनाफे की चर्चा होती रहती थी, जिससे पीडि़त को यह विश्वास दिलाया गया कि निवेश पूरी तरह सुरक्षित है।
फर्जी ऐप से दिखाया गया मुनाफा
इसके बाद ठगों ने एक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए पीडि़त को उसके निवेश की फर्जी स्थिति दिखानी शुरू कर दी। एप में बड़े-बड़े मुनाफे के आंकड़े नजर आ रहे थे। पीडि़त को लगने लगा कि उसका पैसा तेजी से बढ़ रहा है। इसी भरोसे में उसने महज 20 दिनों के भीतर 12 से अधिक अलग-अलग बैंक खातों में करीब 11 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
एप पर पीडि़त का निवेश बढ़कर लगभग 18 करोड़ रुपये दिखाया जा रहा था। जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने प्रोसेसिंग चार्ज और टैक्स के नाम पर अतिरिक्त 8 करोड़ रुपये की मांग कर दी। यहीं पीडि़त को ठगी का शक हुआ और मामला उजागर हो गया।
साइबर ठगी से बचाव की सलाह
इस घटना के बाद साइबर ठगी के नए तरीकों को लेकर पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया है। सलाह दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे। इसके साथ ही हृड्डह्लद्बशठ्ठड्डद्य ष्ट4ड्ढद्गह्म् ष्टह्म्द्बद्वद्ग क्रद्गश्चशह्म्ह्लद्बठ्ठद्द क्कशह्म्ह्लड्डद्य पर शिकायत दर्ज कराए और अपने बैंक को तुरंत सूचित करे, ताकि आगे की ट्रांजैक्शन रोकी जा सके।
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