भोपाल 6 फरवरी (आरएनएस)। नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही फिल्म ‘घूसखोर पंडतÓ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक दिन पहले हुए विरोध के बाद आज फिर भोपाल में ब्राह्मण समाज ने प्रदर्शन किया। एमपी नगर में हुए प्रदर्शन के दौरान फिल्म के टाइटल, डायलॉग, निर्देशन और कलाकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। संगठन ने कहा कि वह किसी भी तरह की सफाई स्वीकार नहीं करेगा और फिल्म को रिलीज नहीं होने देगा।
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने कहा कि फिल्मों को समाज का दर्पण कहा जाता है, लेकिन इस फिल्म के जरिए एक पूरे समाज को अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओटीटी जैसे बड़े प्लेटफॉर्म ने बिना जिम्मेदारी के इस तरह का कंटेंट लॉन्च किया है और अब इसे किसी भी हाल में चलने नहीं दिया जाएगा।
पुष्पेंद्र मिश्रा ने मंच से सरकार और व्यवस्था पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एफआईआर की मांग के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर सोए हुए हैं । साथ ही यूजीसी नियमों और सवर्ण समाज से जुड़े संदर्भों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की नीतियां समाज को बांटने का काम कर रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान फिल्म से जुड़े कलाकारों के खिलाफ नारे लगाए गए। वहीं अभिनेता मनोज बाजपेयी की तस्वीर को जूते से रगड़कर प्रतीकात्मक विरोध किया गया, जिससे मौके पर माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
इधर, बढ़ते विरोध के बीच फिल्म के प्रोड्यूसर और डॉयरेक्टर नीरज पांडे ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए फिल्म को पूरी तरह काल्पनिक बताया है। नीरज पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कहा कि यह एक फिक्शनल पुलिस ड्रामा है और इसमें ‘पंडतÓ शब्द का इस्तेमाल किसी जाति या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि एक काल्पनिक किरदार के उपनाम के तौर पर किया गया है।
नीरज पांडे ने यह भी कहा कि फिल्म के टाइटल से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, जिनका वे सम्मान करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए फिल्म का टीजर और सभी प्रमोशनल कंटेंट नेटफ्लिक्स इंडिया के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और यूट्यूब से हटा दिया गया है।

