0 एमजी रोड चौपाटी के कारोबारियों से लाखों उड़ाने वाला 19 वर्षीय शातिर दबोचा गया
रायपुर, 07 फरवरी (आरएनएस)। कमिश्नरेट के सेंट्रल ज़ोन अंतर्गत एमजी रोड इलाके में ठेले लगाने वाले और छोटे कारोबारियों को आसान लोन का सपना दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले युवक को मौदहापारा पुलिस ने समय रहते गिरफ्तार कर एक बड़े साइबर-फाइनेंस फ्रॉड का पर्दाफाश किया है।
ऑनलाइन फाइनेंस एप्स और प्री-अप्रूव्ड लोन की आड़ में चल रहे इस खेल में आरोपी ने सुनियोजित तरीके से भरोसा जीता और फिर आर्थिक सेंध लगाई। थाना मौदहापारा में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 28/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मुदित पाठे उर्फ कृष पवार, उम्र 19 वर्ष, पिता विजय कुमार पाठे, निवासी बाजार चौक, छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) है। दसवीं पास आरोपी पढ़ाई छोडऩे के बाद फाइनेंस सेक्टर में करियर बनाने की चाह लेकर रायपुर आया था। शुरुआती दिनों में वह गुढिय़ारी इलाके में किराए से रहा, बाद में डोरमेट्री में ठहरकर एमजी रोड क्षेत्र के ठेले वालों और छोटे व्यापारियों से पहचान बढ़ाता गया।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने विभिन्न ऑनलाइन फाइनेंस, कैशबैक और इन्वेस्टमेंट एप्स की बारीक जानकारी हासिल कर पहले पीडि़तों को वास्तविक फायदे दिलवाए। बेहतर कैशबैक, प्रोमो कोड और रेफरल ऑफर दिखाकर उसने व्यापारियों का विश्वास जीता। इसी भरोसे के दम पर उसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य निजी दस्तावेजों तक पहुंच मिल गई।
विश्वास कायम होते ही आरोपी ने लोन प्रोसेसिंग में मदद और फीस माफ कराने जैसे झांसे दिए। जरूरत के समय सहायता कर वह संदेह से बचता रहा। इसके बाद विभिन्न फाइनेंस एप्लीकेशनों के जरिए पीडि़तों के नाम पर प्री-अप्रूव्ड लोन स्वीकृत कराए गए और प्राप्त रकम को अपने ऑनलाइन वॉलेट व अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता पहले इंश्योरेंस सेक्टर में काम करते थे, लेकिन कोरोना काल के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। इसी कारण उसने पढ़ाई छोड़कर ऑनलाइन ऐप्स के जरिए फाइनेंस और निवेश की जानकारी जुटाई। ठगी से जुटाई रकम से वह अपने मूल निवास स्थान पर मोबाइल दुकान खोलने की योजना बना रहा था।
मामला सामने आते ही डीसीपी सेंट्रल ज़ोन उमेश प्रसाद गुप्ता और एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने स्वयं साक्षियों, आवेदकों और आरोपी से पूछताछ कर तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। उनके मार्गदर्शन में निरीक्षक मुकेश शर्मा के नेतृत्व में मौदहापारा पुलिस ने सतर्क कार्रवाई करते हुए आरोपी को ट्रेन से फरार होने से ठीक पहले दबोच लिया।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी एक दर्जन से अधिक फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट एप्स का इस्तेमाल कर रहा था। एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा के सुपरविजन में पुलिस ने आरोपी से कई बैंक व क्रेडिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनके जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग वॉलेट में घुमाया गया था। फिलहाल आरोपी के ऑनलाइन वॉलेट, बैंक खातों, मोबाइल फोन और संबंधित एप्लीकेशनों की गहन जांच जारी है। अन्य मामलों में उसकी संलिप्तता की भी संभावना जताई जा रही है। पूरे मामले के खुलासे और फरार होते आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश शर्मा, थाना मौदहापारा पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट रायपुर की अहम भूमिका रही।
0
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी


















