रुड़की,08 फरवरी (आरएनएस)। गन्ने की फसल की बसंत कालीन बुआई का समय नजदीक आते ही किसान खेत तैयार करने में जुट गए है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गन्नें की फसल से अधिक उत्पादन लेने के लिए किसान फसल की बुआई करते समय उन्नतशील प्रजातियों का ही चयन करें। गन्ने की फसल के लिए बसंत कालीन बुआई उत्तम मानी जाती है। बसंत कालीन गन्ने की बुआई करने पर अच्छे परिणाम मिलते हैं। फरवरी से मध्य मार्च तक का महीना बुआई के लिए उत्तम रहता है। हालांकि किसान मार्च अंत तक भी गन्नें की बुआई करते हैं। बसंतकालीन बुआई करने के लिए किसान इस समय खेत की तैयारी करने में जुट गए हैं। किसान वीर सिंह, हेरन्द्र कुमार, कपिल आदि ने बताया कि क्षेत्र के किसानों के लिए गन्ने की फसल बेहद प्रिय होती है। गन्ने की फसल काफी मेहनत के बाद तैयार होती है। खेत को तैयार करने के अलावा खेत में बीज की बुआई करने के लिए काफी मजदूर की आवश्यकता होती है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि गन्ने की बुआई में उन्नतशील एंव रोगरोधी गन्ना प्रजातियों को चुनना चाहिए।और अधिक मुनाफा कमाने के लिए गन्ने के साथ सहफसली खेती भी करनी चाहिए। ट्रेंच विधि को अपनाकर सह फसली खेती को भी आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि गन्ने के बीज को उपचारित करने के बाद ही उसकी बुआई करें।
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