रुड़की,09 फरवरी (आरएनएस)। कस्बे में हर रोज घंटों लगने वाले जाम को झेलने की ग्रामीणों की नियति बन गई है। इसे लेकर न तो पुलिस विभाग और न हीं प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। स्कूल टाइम में भी खनन के भारी वाहन और ओवरलोड गन्ना वाहन सड़कों से गुजर रहे हैं। लेकिन ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने इस पर तत्काल अंकुश लगाए जाने की मांग की है। इस समय गन्ना सीजन चल रहा है। जिसके चलते गन्ने से भरे ओवरलोड वाहन गांव के संपर्क मार्गों से लेकर मुख्य मार्ग को तक दौड़ रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ी मुसीबत ग्रामीणों को मिट्टी से लदे ओवरलोड डंपरों से हो रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत तो दोपहर दो बजे के बाद शुरू होती है। जब स्कूलों की छुट्टी होती है तो उस समय स्कूली बस, गन्ने से लदे वाहन और ओवरलोड मिट्टी से लदे खनन वाहन तीनों भुरनी तिराहे पर इक_े होते हैं तो जाम की स्थिति बन जाती है। वहीं यह समय टायर फैक्ट्री के कर्मचारियों की भी छुट्टी का भी होता है। ऐसी स्थिति में यह तिराहा जाम का अड्डा बन जाता है और जिसकी वजह से स्कूली बच्चों के साथ आमजन को परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना था कि इस समय ओवरलोड वाहनों की आवाजाही बंद करने के बाबत कई बार पुलिस व प्रशासन से भी गुहार लगा दी है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। उनका कहना था कि स्कूली टाइम में ओवरलोड वाहनों को एक घंटे के लिए बंद कर दिया जाए ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। जाम की वजह से आसपास स्थित दुकानदार रेहड़ी, ठेली और फल विक्रेता रास्ते से गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ग्रामीण बेहद परेशान है। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह स्कूली छुट्टी के समय इस तिराहे पर चेतक पुलिस कर्मियों को तैनात करें, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इधर, लक्सर कोतवाली इंस्पेक्टर प्रवीण कोश्यारी ने कहा कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।
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