रुड़की,10 फरवरी (आरएनएस)। बसंत कालीन गन्ने की बुवाई में जुटे क्षेत्र के किसानों के लिए यूरिया खाद की दिक्कत खड़ी हो गई है। वजह यह है कि इस समय गन्ना समिति व उससे जुड़े गोदामों पर यूरिया खाद समाप्त हो गई है। गन्ना समिति द्वारा दस हजार यूरिया के बोरों की डिमांड भेजी गई है। इसके बाद खाद आने पर किसानों को वितरित किया जाएगा। क्षेत्र के किसान गन्ना समिति के माध्यम से लक्सर शुगर मिल को अपना गन्ना बेचते हैं। किसान गन्ना समिति से डीएपी में यूरिया खाद उठाते हैं। जिसका समिति खाद का पैसा उनके गन्ने के भुगतान से काट लेती है। इस समय क्षेत्र के किसान गन्ने के खाली हुए खेतों में बसंत कालीन गन्ने की बुवाई में जुटे हुए हैं, लेकिन गन्ना विकास समिति के गोदाम पर यूरिया खाद पिछले कई दिन से समाप्त पड़ी है। इसके चलते किसान गन्ना समिति से खाली हाथ वापस लौट रहे हैं। किसान बृजेश कौशिक, अनुज कुमार व सतवीर प्रधान आदि का कहना था कि इस समय किसानों को यूरिया खाद की बहुत ज्यादा जरूरत है क्योंकि किसान गन्ने की बुवाई में जुटे हैं। खाद न मिलने से उन्हें महंगे दामों में बाजार से खाद खरीदनी पड़ेगी। किसान कालूराम चौधरी व धीरेंद्र प्रसाद शास्त्री का कहना था कि इस समय किसान बसंत कालीन गन्ने की बुवाई कर रहे हैं। ऐसे में खाद न मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उधर गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव सूरजभान सिंह ने बताया कि गन्ना विकास समिति के गोदाम पर डीएपी व एनपी खाद मौजूद है, जबकि यूरिया के 10 हजार बोरों की बाबत डिमांड भेजी गई है। खाद आते ही किसानों को वितरित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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