नई दिल्ली ,14 फरवरी (आरएनएस)। हेनली एण्ड पार्टनर द्वारा जारी 2026 की ताज़ा हेनली पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट 2025 में 85वें स्थान पर था, जो 2026 में 10 स्थान की छलांग लगाकर 75वें स्थान पर पहुंच गया है।
हालांकि रैंकिंग में सुधार हुआ है, लेकिन वीजा-फ्री एंट्री देने वाले देशों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय नागरिक अब 56 देशों में वीजा-फ्री प्रवेश कर सकते हैं। जनवरी 2026 में यह संख्या 55 थी, जबकि 2025 में भारतीय पासपोर्ट धारकों को 57 देशों में वीजा-फ्री एंट्री प्राप्त थी। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 में भारतीय पासपोर्ट 80वें स्थान पर था, जो एक महीने के भीतर पांच स्थान सुधरकर 75वें स्थान पर पहुंच गया।
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 227 ट्रैवल डेस्टिनेशन के संदर्भ में 199 पासपोर्टों की रैंकिंग जारी करता है। यह रैंकिंग इस आधार पर तैयार की जाती है कि संबंधित पासपोर्ट धारक बिना पूर्व वीजा के कितने देशों की यात्रा कर सकते हैं। आंकड़े इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के डेटा पर आधारित होते हैं। स्कोरिंग प्रणाली में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन को शामिल किया जाता है। सरल शब्दों में, जितने अधिक देशों में बिना पूर्व कागजी प्रक्रिया के प्रवेश संभव है, पासपोर्ट की रैंकिंग उतनी ही बेहतर मानी जाती है।
इस बीच, भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए दो देशों ने अपनी वीजा-फ्री सुविधा में बदलाव किया है। ईरान ने नवंबर 2025 में आम भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-फ्री प्रवेश रोक दिया। यह निर्णय कथित तौर पर धोखाधड़ी और मानव तस्करी से जुड़े मामलों के बाद लिया गया। वहीं बोलीविया ने 2026 में भारतीय यात्रियों के लिए ई-वीजा प्रणाली लागू कर दी है। अब यात्रियों को ऑनलाइन आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और यात्रा से पहले स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
00
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

