गिरफ्तारों पर बहरूपिया कलाकारों ने भेजी लानत, रोष भी व्यक्त किया
जगदीश यादव
कोलकाता 15 फरवरी (आरएनएस)। भारत वर्ष में बहरूपिया कला काफी प्राचीन कला है और एक जमाना था जब राजाओं-महाराजाओं के समय बहरूपिया कलाकारों को सम्मान और धन दोनों मिलता था। लेकिन कोलकाता पुलिस ने अथक परिश्रम के बाद गुजरात के मूल निवासी चार लोगों को गिरफ्तार किया है जो देवी-देवताओं का स्वांग रचकर राहगीरों की जेब साफ करते थे। पुलिस व अधिकारिक सूत्रों ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि, जोड़ासांको पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के बाद हेस्टिंग्स इलाके उक्त चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया व फिर गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने बताया कि, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल रामजू सलात, धीरू कालोवाई सलात, समीर भाई सलात और राजू कुमार के रूप में हुई है। उक्त चारों गुजरात के आनंद जिले के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि उक्त लोग भगवान शंकर, मां दुर्गा, हनुमान जी श्री राम, काली माता सहित विभिन्न देवी देवताओं का रूप बदल कर महानगर कोलकाता के ट्रैफिक सिग्नल और व्यस्त सड़कों पर राहगीरों से भीख मांगते थे। धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाते हुए, वे राहगीरों का ध्यान भटकाते थे और फिर बड़ी चालाकी से उनकी जेबें काट लेते थे। उक्त लोग देखते ही देखते पर्स, मोबाइल फोन सहित कीमती सामान साफ कर देते थें। जांचकर्ताओं ने बताया कि गिरोह कोलकाता के साथ-साथ अन्य बंगाल के अन्य शहरों में भी इसी तरह की कार्यप्रणाली अपनाता था। पुलिस के अनुसार जोड़ासांको थाना इलाके में 14 जनवरी मोबाइल फोन चोरी का एक मामला दर्ज किया गया तो पुलिस को मामले की जांच के दौरान यह सफलता मिली। वहीं पहले पार्क स्ट्रीट इलाके से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था, और उनकी पूछताछ से पुलिस को ऐसे सुराग मिले जिनकी मदद से चारों आरोपियों का पता लगाया गया। साथ ही के गिरीश पार्क थाने में पिछले महीने की 20 तारीख को भी एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस घटना के दो आरोपियों को शनिवार को पार्क सर्कस से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों के नाम मो. शाहनवाज उर्फ सनी और मोहम्मद समीर हैं। दोनों इंटाली के रहने वाले हैं। पता चला है कि उन पर एक कैब ड्राइवर की कार से मोबाइल फोन, मनी बैग समेत कई सामान चोरी करने का आरोप है।
बहरहाल पुलिस ने आम लोगों को ऐसे तत्वों से सावधान रहने की सलाह दी है। लोगों को सड़क किनारे या भीड़ में अजनबियों से बात करते समय अपने कीमती सामान पर खुद ही नजर रखने के लिए कहा गया है। पुलिस का मानना है कि, जेबकतरे खास तौर पर ट्रैफिक सिग्नल या मेले जैसी जगहों पर सक्रिय रहते हैं। देवी-देवताओं का स्वांग धरकर चोरी करने वाले गैंग का मामला सामने आया है। उक्त मामले पर एक बहरूपिया कलाकार दिलीप सरदार व एक अन्य ने फोन पर बात करने पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि, यह बड़े शर्म की बात है कि, उक्त चार लोगों ने बहुरूपिया कला के सम्मान को तार-तार किया है। इनलोगों को चौरी जैसे कुकर्म करने की जरुरत ही नहीं थी अगर उक्त लोग हम लोग के जैसा बहुरूपिया कला का प्रदर्शन करते तो इन्हें खाने की कमी नहीं होती जैसे हम लोगों को नहीं होती है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

