नई दिल्ली ,17 फरवरी । यूरोपीय देश नॉर्वे की आधिकारिक यात्रा पर गई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वहां के लीडर्स से कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि में निवेश और विस्तार के बड़े अवसर मौजूद हैं।
नॉर्वे के वित्त मंत्री जेन्स स्टोलटेनबर्ग के साथ अपनी मुलाकात के दौरान, उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र, विशेष रूप से सौर ऊर्जा, रेयर अर्थ प्रोसेसिंग, कार्बन कैप्चर और स्टोरेज में साथ मिलकर काम करने पर चर्चा की।
वित्त मंत्रालय के एक पोस्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) का लाभ उठाते हुए विशेष रूप से ब्लू इकोनॉमी, ग्रीन इकोनॉमी के साथ-साथ सॉवेरन वेल्थ और पेंशन फंड के माध्यम से निवेश के क्षेत्रों में काम करने पर सहमति व्यक्त की।
स्टोल्टेनबर्ग ने विदेश मंत्री सीतारमण को बताया कि नॉर्वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस साल के अंत में होने वाली यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहा है और उम्मीद जताई कि इससे भारत-नॉर्वे सहयोग और बढ़ेगा।
सीतारमण ने ओस्लो स्थित संसद (स्टोर्टिंग) में वित्त समिति की प्रमुख तुवा मोफ्लैग, ईएफटीए समिति की उप प्रमुख ट्राइन लिसे सुंडनेस और नॉर्वे की संसद में भारतीय-नॉर्वेजियन मैत्री समूह के प्रमुख हिमांशु गुलाटी से भी बातचीत की।
मंत्रालय ने कहा, समिति के सदस्यों को यह जानकर खुशी हुई कि प्रधानमंत्री मोदी इस वर्ष के अंत में नॉर्वे की यात्रा करेंगे और उन्होंने आशा व्यक्त की कि इससे द्विपक्षीय सहयोग में और वृद्धि होगी।
वित्त मंत्री ने समिति के सदस्यों को गिफ्ट-आईएफएससी का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया और बताया कि यह एक विश्व स्तरीय वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी वित्तीय केंद्र है जो वित्तीय संस्थानों के लिए बुनियादी ढांचा और सेवाएं प्रदान करता है, साथ ही आईएफएससी के अंतर्गत काम करने वाली संस्थाओं के लिए विभिन्न कर लाभ और उदारीकृत नियामक व्यवस्था भी प्रदान करता है।
उनका नॉर्वे के सीईओ और निवेशकों के साथ गोलमेज चर्चा करने और एक सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों से मिलने का भी कार्यक्रम था।
इससे पहले, वित्त मंत्री सीतारमण ने जर्मनी दौरे के दौरान शीर्ष नेताओं और उद्योगपतियों से मुलाकात की और यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते के मद्देनजर द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर चर्चा की।
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