कोलकाता 17 फरवरी (आरएनएस)। बंगाल में चुनाव आयोग जमकर शक्ति की तलवार भांज रहा है। आयोग ने रोल ऑब्ज़र्वर की रिपोर्ट के आधार पर तीन माइक्रो ऑब्जर्वर को सस्पेंड कर दिया है। ड्यूटी में लापरवाही और काम में गड़बड़ी के आरोपों पर इसे सख्त कार्रवाई माना जा रहा है। अभी 24 घंटे पूर्व ही आयोग ने सात अधिकारियों को सस्पेंड किया था। सीईओ पश्चिम बंगाल ने अपने ङ्ग हैंडल पर इन तीन केन्द्रीय कर्मचारियों के सस्पेंशन की जानकारी पोस्ट की। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें फिलहाल सस्पेंड किया गया है। उसके बाद डीपी शुरू होगी, जांच छह महीने के अंदर पूरी करनी होगी। जांच पूरी होने के बाद सस्पेंशन वापस लेने से पहले आयोग की परमिशन लेनी होगी। सस्पेंशन के शिकार हुए कर्मचारियों के बारे में पता चला है कि उनके खिलाफ काफी समय से शिकायतें आ रही थीं। हालांकि वह लोग अपने आपको ड्यूटी पर बताया करते थे लेकिन पता चला कि वे ड्यूटी पर नहीं थे। वे साइन करके कहीं और चले जाते थे। रिपोर्ट में इन बातों का जिक्र है। जिन्हें सस्पेंड किया गया है वह लोग बंगाल ग्रामीण विकास बैंक मैनेजर, यूको बैंक के सीनियर मैनेजर और सेंट्रल टैक्स इंस्पेक्टर सीजीटीएस व सीएक्स हैं। बहरहाल निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संबंधित अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू की जाए और जांच की प्रगति की नियमित जानकारी आयोग को दी जाए। पिछले शुक्रवार सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साफ कहा था, काम में जरा भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जानबूझकर गलती करने पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। सिर्फ दो दिन के भीतर ही एईआरओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई में इसका असर दिखाई दिया।

