नई दिल्ली ,20 फरवरी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने गुरुवार को जियो नेटवर्क के जरिये कम लागत पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सेवाएं उपलब्ध कराने का वादा किया और कहा कि इस दिशा में कंपनी सात साल में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। अंबानी ने यहां भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मेलन में ऐलान किया कि जिस तरह समूह की दूरसंचार कंपनी जियो ने देश में डेटा सस्ता किया, उसी तरह अब एआई को भी आम भारतीय तक किफायती दरों पर पहुंचाया जायेगा। उन्होंने कहा कि भारत बुद्धिमत्ता किराये पर नहीं ले सकता और जियो देश को इंटरनेट युग के बाद अब इंटेलिजेंस युग से जोड़ेगा।
उन्होंने कहा कि जियो और रिलायंस इंड्स्ट्रीज अगले सात साल में इस दिशा में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह निवेश देश में मजबूत एआई ढांचा खड़ा करने और आने वाले दशकों के लिए आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जियो अपने नेटवर्क के जरिये देशभर में ऐसी कंप्यूट क्षमता उपलब्ध करायेगा, जिससे एआई सेवाएं कम लागत और तेज गति से लोगों, दुकानों, स्कूलों, अस्पतालों और खेतों तक पहुंच सकें। जियो एआई भारतीय भाषाओं में काम करेगा, ताकि किसान, युवा, छात्र और छोटे व्यवसायी अपनी भाषा में इसका लाभ उठा सकें। शिक्षा के लिए जियो शिक्षा एआई, स्वास्थ्य के लिए जियो आरोग्य एआई, कृषि के लिए जियो कृषि और आम उपयोग के लिए जियो भारत आईक्यू जैसे प्लेटफॉर्म पेश किये जायेंगे जो स्थानीय भाषाओं में एआई आधारित सहायता उपलब्ध करायेंगे। अंबानी ने बताया कि कंपनी गुजरात के जामनगर में चरणबद्ध तरीके से मल्टी-गीगावॉट एआई-रेडी डेटा सेंटर पार्क विकसित कर रही है। इस साल के अंत तक 120 मेगावॉट क्षमता शुरू करने का लक्ष्य है, जिसे आगे गीगावॉट स्तर तक बढ़ाया जायेगा। यह पूरी तरह हरित ऊर्जा पर आधारित होगा। एआई को लेकर जारी आशंकाओं पर उन्होंने कहा कि एआई नौकरियां नहीं छीनेगा बल्कि, यह उच्च-कौशल वाले कार्यों में नये अवसर पैदा करेगा।
00

