ऋषिकेश,20 फरवरी (आरएनएस)। आगामी मानसून सीजन और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती ने शुक्रवार को एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा राहत उपकरणों की कार्यक्षमता को परखा और जवानों को आधुनिक तकनीकों के प्रति दक्ष रहने के निर्देश दिए। शुक्रवार को जौलीग्रांट स्थित एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय में निरीक्षण के दौरान आईजी निवेदिता कुकरेती ने सीएसएसआर (कोलैप्स स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू) टीम के प्रदर्शन का अवलोकन किया। टीम ने भूकंप या भवन ढहने जैसी स्थितियों में पीडि़तों को बचाने के लिए अत्याधुनिक कटिंग, ब्रेकिंग टूल्स और सर्च कैमरों का उपयोग कर अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। आईजी कुकरेती ने टीम के समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और उन्नत करने पर जोर दिया। मुख्यालय की प्रशिक्षण, संचार, स्टोर शाखा और डॉग स्क्वॉड का बारीकी से निरीक्षण किया गया। आईजी ने निर्देश दिए कि उपकरणों का नियमित रखरखाव हो और जवानों को यथार्थपरक परिस्थितियों में अभ्यास कराया जाए। सम्मेलन के दौरान कार्मिकों की चुनौतियों को सुना गया और उनका मनोबल बढ़ाते हुए अनुशासन बनाए रखने की प्रेरणा दी गई। इस दौरान आईजी निवेदिता कुकरेती ने आपदा प्रबंधन पर आधारित एक विशेष कॉमिक बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं तक आपदा प्रबंधन का संदेश सरल भाषा में पहुंचाने के लिए यह रचनात्मक पहल सराहनीय है। सुरक्षित समाज के निर्माण में जन-जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार है। मौके पर सेनानायक अर्पण यदुवंशी, सहायक सेनानायक सुशील रावत, क्वार्टर मास्टर राजीव रावत आदि उपस्थित रहे।
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