ऋषिकेश,21 फरवरी (आरएनएस)। एम्स ऋषिकेश की ओर से शनिवार को आयोजित शिविर में 70 से अधिक छात्र-छात्राओं के लीवर की जांच की गई। इस दौरान श्रीदेव सुमन विवि के छात्र-छात्राओं को लीवर सुरक्षित रखने के उपाए बताए गए। साथ ही लीवर की सुरक्षा के लिए धूम्रपान और शराब छोडऩे की सलाह दी गई। श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश में आयोजित शिविर में एम्स ऋषिकेश के एडिशनल प्रो. डॉ. अजीत भदौरिया ने छात्र-छात्राओं को बताया कि लीवर शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो हमारे शरीर को हानिकारक पदार्थों से मुक्त करता है। मेटाबॉलिज़्म को नियंत्रित करता है। आज की बदलती जीवनशैली, जंक फूड, मीठे पेय, तनाव, देर रात तक जागने की आदत और व्यायाम की कमी के कारण युवाओं में फैटी लीवर तेजी से बढ़ रहा है। यह बीमारी शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखाती। इसलिए इसे साइलेंट डिसीज कहा जाता है। यदि समय पर इसकी पहचान न की जाए तो यह गंभीर लीवर रोगों का कारण बन सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन कम से कम तीस मिनट की वॉक, नियमित व्यायाम, हरी सब्जियों एवं संतुलित भोजन का सेवन, जंक फूड एवं मीठे पेय से दूरी, धूम्रपान और शराब का त्याग, तनाव का नियंत्रण, और साल में एक बार लीवर की नियमित जांच करवाने की सलाह दी। इस दौरान एम्स के चिकित्सक डॉ. विवेक सिंह मलिक, डॉ. हेमंत, डॉ. आकाश, डॉ. खुशी, डॉ. राजीव, डॉ. अब्दुस, डॉ. रवनीत, डॉ. अक्षित, तथा तकनीकी सहयोगी सर्वन और विकास ने 70 छात्र छात्राओं, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के लिवर स्वास्थ्य की जांच की और विस्तृत परामर्श प्रदान किया। मौके पर डीन विज्ञान संकाय प्रो. एसपी सती, डीन वाणिज्य संकाय प्रो. वीपी श्रीवास्तव, डीन छात्र कल्याण प्रो. हेमलता मिश्रा, कार्यक्रम संयोजक डॉ. गौरव वार्ष्णेय, प्रो. अनीता तोमर, प्रो. संगीता मिश्रा, प्रो. वीएन गुप्ता, प्रो. वीके गुप्ता, प्रो. सीएस नेगी, प्रो. मनोज यादव, प्रो. हेमंत परमार, प्रो. आशीष शर्मा, प्रो. दीपा शर्मा, डॉ. गौरव वार्ष्णेय आदि रहे।
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