देहरादून,21 फरवरी (आरएनएस)। दून विश्वविद्यालय के रंगमंच व लोक कला प्रदर्शन विभाग की ओर से शनिवार को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि स्थानीय भाषाएं परंपरा संस्कृति और भविष्य का आधार हैं। हमारी लोक भाषाएं हमारी संस्कृति की जननी हैं। इस अवसर पर गढ़वाली व कुमाऊंनी भाषा में अध्ययनरत छात्र छात्राओं ने अपनी मातृभाषा में गीत, कविताएं, वक्तव्य प्रस्तुत किए और अपने भाषाई और सांस्कृतिक अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम में प्रो एचसी पुरोहित, प्रो हर्ष डोभाल, प्रो अजय सिंह, प्रो चेतना पोखरियाल, ममता पांडे, अनूप सिंह, डॉ अजीत पंवार, डॉ कैलाश कंडवाल, डॉ मानवेंद्र बर्तवाल आदि मौजूद रहे।
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