रुड़की,22 फरवरी (आरएनएस)। रंगों का त्योहार होली आने में अभी करीब दस दिन शेष हैं, लेकिन शहर के बाजारों में अभी से होली की रौनक दिखाई देने लगी है। मुख्य बाजार, सिविल लाइंस और आसपास के इलाकों में अबीर-गुलाल, रंग और तरह-तरह की पिचकारियों से दुकानें सज गई हैं। बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और वे अभिभावकों के साथ अपनी पसंद की पिचकारी खरीदने पहुंच रहे हैं। इस बार बाजार में रंगों और पिचकारियों की अनेक वैरायटी उपलब्ध है। कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारियां, टैंक मॉडल, मशीनगन स्टाइल और प्रेशर पंप पिचकारियां बच्चों को आकर्षित कर रही हैं। वहीं युवाओं के लिए बड़े साइज की मल्टी-शॉट पिचकारियां भी आई हैं। गुलाल के रंगों में भी खास विविधता देखने को मिल रही है। खासतौर पर सिलेंडर पैक में उपलब्ध गुलाल ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दुकानदार कमल चावला ने बताया कि इस बार हर्बल गुलाल की मांग सबसे अधिक है। लोगों में केमिकल युक्त रंगों के प्रति जागरूकता बढ़ी है, जिसके चलते प्राकृतिक और त्वचा के लिए सुरक्षित रंगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बच्चों और बड़ों के लिए अलग-अलग रेंज में उत्पाद उपलब्ध हैं और बिक्री धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है। बाजार में रंग-बिरंगी टोपी, मुखौटे और होली थीम वाली टी-शर्ट भी बिकने लगी हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में खरीदारी और बढ़ेगी तथा होली से ठीक पहले बाजार पूरी तरह रंगों में सराबोर नजर आएगा।

