देहरादून,22 फरवरी (आरएनएस)। रविवार को गुरुद्वारा गोबिंद नगर रेसकोर्स में श्री गुरु हरकिशन साहिब कीर्तन अकादमी यूनिट ऑफ अकाल पुरख की फौज द्वारा सब संगतों के सहयोग से गुरुमत समागम का आयोजन किया गया। जिसमें लुधियाना से आए वक्ता उरविंदर सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा सुधार लहर से ही गुरुद्वारों को महंतों के चंगुल से आजादी मिली थी। सिंहों और सिंहनियों ने गुरु विचारों पर चलकर ही इससे मुक्ति पाई। उत्तराखंड सिख कॉर्डिनेशन कमेटी, गुरुद्वारा गोबिंद नगर रेसकोर्स, गुरमत प्रचार सभा, सुखमनी साहिब सेवा सोसायटी और स्त्री सत्संग सभा के माध्यम से आयोजित धार्मिक आयोजन में उरविंदर सिंह ने बताया कि गुरु ने अपने अनुयायियों को गुरु विचारों पर चलने की प्रेरणा दी, कि गलत को गलत और सही को सही कहा जाए। परंतु देखा जाएं तो हालात आज इसके बिल्कुल विपरीत है। आज फिर से कहीं न कहीं महंत प्रथा जैसे कुछ गुरुद्वारों में काबिज होकर सिख पंथ की भावना के विपरीत आचरण कर रहे हैं। इसलिए एक बार पुन: गुरुद्वारा सुधार लहर आवश्यक हो गई है। गुरुद्वारा सुधार लहर से युवक व नई पीढ़ी क्यों दूर होती जा रहीं है, ये सोचनीय प्रश्न है। जिसका जवाब हमें ही ढूंढना है। गुरुद्वारा सुधार लहर पर चल कर ही हम साका ननकाना साहिब के शहीदों को नत मस्तक हो कर सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं। इस अवसर पर सतपाल सिंह पाली, दलजीत सिंह, गुरदीप सिंह सहोता, जसदीप सिंह, हरप्रीत सिंह, तलविंदर सिंह, गगनदीप कौर समेत संगते मौजूद थी।

