ऋषिकेश 23 फरवरी (आरएनएस)। त्रिवेणीघाट पर बरसात के दौरान पहुंचा मलबा और रेत अभी तक नहीं हट सकी है। इससे श्रद्धालुओं को गंगा स्नान और पूजा-अर्चना में परेशानी हो रही है। दिन में तेज हवाओं के साथ यह रेत उडऩे से उनकी मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ी हुई हैं। मलबा हटाने की मांग करने के बावजूद न तो नगर निगम और न ही सिंचाई विभाग कार्रवाई को तैयार दिख रहा है। पिछले साल बरसात के दौरान गंगा में उफान के दौरान मलबा और रेत भी घाट तक पहुंच गई थी। यहां आरती स्थल पर तो रेत को हटा दिया गया है, लेकिन आसपास घाट पर पसरी रेत और मलबे को अभी तक नहीं हटाया जा सका है। पर्व-त्यौहारों पर दर्शन-पूजन, आचमन और स्नान को भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से यह मलबा परेशानी का सबब बन रहा है। श्रद्धालुओं को स्नान के लिए ठीक से घाट पर जगह भी नहीं मिल पाती है। खास है कि त्रिवेणीघाट पर गंगा की अस्थायी जलधारा को लाया गया है। नजदीक ही नावघाट से गंगा की मुख्य जलाधारा बहती है, जिसका प्रवाह अत्याधिक होने से श्रद्धालुओं को बहने का खतरा रहता है, जिसके चलते वह त्रिवेणीघाट पर भी स्नान को सुरक्षित समझते हैं। गंगासभा से जुड़े राहुल शर्मा, रामकृपाल गौतम आदि ने बताया कि मलबा हटाने के लिए नगर निगम और सिंचाई विभाग से मांग की गई है।
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