ऋषिकेश 23 फरवरी (आरएनएस)। पर्वतीय रूट के मुसाफिरों को ऋषिकेश से सवारी वाहन नहीं मिल पा रहे हैं। पहाड़ों में अधिकांश निजी परिवहन कंपनियों की बसों से ही यात्री सफर करते हैं, लेकिन इन दिनों अचानक बढ़ रही भीड़ में यात्रियों के लिए कंपनियों की बसें नाकाफी साबित होती दिख रही हैं। सोमवार को पहाड़ी रूट के लिए लोकल सेवा के स्टॉपेज दून मार्ग स्थित इंद्रमणि बड़ोनी चौक पर यात्रियों की भीड़ दिखी। इनमें से ज्यादातर यात्रियों को टिहरी, उत्तरकाशी, घनसाली, श्रीनगर और रुद्रप्रयाग आदि इलाकों में जाना था। सुबह से लेकर लेकर दोपहर बाद तक यात्रियों का जमघट चौक लगा दिखा। आधे से एक घंटे के इंतजार के बसें पहुंची, जिसमें सीट के लिए यात्रियों में मारामारी जैसी स्थिति रही। स्टॉपेज पर किसी तरह का यात्रीशेड नहीं होने से लंबे समय तक खड़े रहने से यात्रियों की दुश्वारियां और बढ़ी। चटक धूप में सर्द मौसम के बावजूद वह बचने के लिए छाव का सहारा भी लेते दिखे। टीजीएमओ अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बताया कि पहाड़ी रूट पर कंपनियों की प्रतिदिन 60 सेवा संचालित की जाती हैं। चौक पर भीड़ जरूर नजर आती है, लेकिन इससे आगे भद्रकाली में बसों की स्थिति देखेंगे, तो उनकी सीटें ज्यादातर खाली रहती है। व्यक्तिगत साधन होने की वजह से गांव के लोगों के संपर्क में रहते हैं। वह इस तरह के वाहनों में भी आवाजाही के लिए चौक पर जुटते हैं। बताया कि फिलहाल सभी पर्वतीय रूटों के लिए कंपनियों की लोकल बस सेवा पर्याप्त है।

