अयोध्या 24 फरवरी (आरएनएस)। नगर कोतवाली क्षेत्र के जनौरा स्थित एक भूमि का धोखाधड़ी के सहारे दो लोगों के पक्ष में बैनामा करके अयाज अहमद का लाखों रूपये हड़पने के मामले में विपक्षी व उसके पुत्र सहित तीन के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधाशु शेखर उपाध्याय ने पीडि़त अयाज अहमद की ओर से दायर 173 (4) बीएनएसएस की धारा में सुनवाई करते हुए दिया है। साथ ही नगर कोतवाल को प्रार्थना पत्र के आदेश पर अविलम्ब मुकदमा दर्ज करके तीन दिन में न्यायालय को सूचित कर विवेचना करके परिणाम से अवगत कराने को कहा है। इसके पहले पीडि़त पक्ष से अधिवक्ता एखलाक अहमद ने विपक्षियों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज करने की अर्जी प्रस्तुत कर बहस किया। अधिवक्ता के मुताबिक नगर कोतवाली अन्तर्गत रिकाबगंज स्थित महाजनी टोला निवासी अयाज अहमद पुत्र अब्दुल अजीज ने अपने रिश्तेदार तनवीर अहमद अंसारी के साथ मिलकर 24 मई 2024 को सात लाख रूपये विपक्षी वंदना गुप्ता के खाते में ट्रांसफर कर भूमि क्रय कर बैनामा लिया था। उक्त प्लाट जनौरा में स्थित है जिसमें वंदना गुप्ता अपने पुत्र आशुतोष गुप्ता व आदित्य गुप्ता बतौर गवाह मौजूद थे। इसके बाद पीडि़त ने 50 हजार रूपये विपक्षी वंदना के खाते में 22 अप्रैल 2024 को अंतरित किया था। पीडि़त ने जब बैनामाशुदा प्लाट पर निर्माण कार्य शुरू किया तो बगल के सुरेश अग्रवाल ने आकर कार्य को रोंक दिया तथा बताया कि उक्त प्लाट का बैनामा उन्होंने लिया है। इसपर पीडि़त ने पूंछतांछ किया तो विपक्षी ने सुरेश अग्रवाल को बैनामा किया जाना स्वीकार किया और पीडि़त को किये गये बैनामा की धनराशि सात लाख रूपये तथा दूसरे सौदे की बची शेष धनराशि दो लाख तीन हजार रूपये कुल मिलाकर 9 लाख 30 हजार रूपये वापस करने की बात कही परन्तु बाद में उक्त पैसा वापस करने से इनकार कर दिया। पीडि़त ने थाना एवं एसएसपी अयोध्या को लिखित प्रार्थना पत्र दिया जिसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीडि़त द्वारा विपक्षियों पर एक ही सम्पत्ति पर दो बार बैनामा करने का आरोप लगाते हुए धनराशि हड़पने का आरोप लगाया।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

