लखनऊ 25 फरवरी (आरएनएस )। गोमती नगर विस्तार थाना क्षेत्र स्थित इनाया रायल हाइट्स में एल्मुनियम बंच एवं एल्मुनियम आम्र्ड केबिल चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए नामित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति वहीं तैनात सिक्योरिटी गार्ड निकला।प्रकरण के अनुसार 15 फरवरी 2026 को योगेन्द्र सिंह पुत्र स्वर्गीय विजय कुमार सिंह, निवासी शाहपुर चिनहट, जो वर्तमान में एलर्ट मल्टी सोल्यूशन सिक्योरिटी कंपनी लखनऊ में फील्ड ऑफिसर हैं, ने लिखित शिकायत दी थी कि अज्ञात चोर द्वारा इनाया रायल हाइट्स, गोमती नगर विस्तार से एल्मुनियम बंच एवं एल्मुनियम आम्र्ड केबिल चोरी कर ली गई है। इस सूचना पर थाना गोमती नगर विस्तार में मु0अ0सं0 029/2026 धारा 305(ए) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया और विवेचना उप निरीक्षक उपेन्द्र गिरी को सौंपी गई।जांच के दौरान 24 फरवरी 2026 को रात लगभग 8:20 बजे सेक्टर-1 स्थित ग्वारी पुल के नीचे पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में एक युवक को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से चोरी की तार बेचकर बचे 910 रुपये तथा एक सफेद बोरी में बिजली के तार (करीब 6.650 किलोग्राम) और छिला हुआ कॉपर वायर (करीब 1 किलोग्राम) बरामद हुआ। पूछताछ में उसकी पहचान आदर्श सिंह पुत्र अमर सिंह, निवासी बक्तूखेड़ा थाना अजगैन जनपद उन्नाव, वर्तमान पता खेवली थाना सुशांत गोल्फ सिटी लखनऊ, उम्र 23 वर्ष के रूप में हुई।पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह इनाया हाइट्स सेक्टर-1 में एलर्ट कंपनी की ओर से गार्ड की नौकरी करता था। मौके का फायदा उठाकर जब परिसर में कोई मौजूद नहीं होता था, तब वह स्टोर से तार चोरी कर लेता था। चोरी का सामान वह अपने दोस्त हर्ष को दे देता था, जो उसे बेचकर एक से दो हजार रुपये तक दे देता था। अभियुक्त ने स्वीकार किया कि 28 जनवरी 2026 को भी उसने तार चोरी कर हर्ष को दिया था और प्राप्त धनराशि खर्च कर दी थी। 24 फरवरी को वह 10 फरवरी की रात चोरी की गई तार हर्ष को देने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे माल समेत पकड़ लिया।
बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 305(ए) बीएनएस में घटोत्तरी करते हुए धारा 306 एवं 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। अभियुक्त के विरुद्ध थाना गोमती नगर विस्तार में आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटाई जा रही है।अभियुक्त की गिरफ्तारी में उप निरीक्षक उपेन्द्र गिरी, उप निरीक्षक आयुष यादव, हेड कांस्टेबल रामू तथा कांस्टेबल रविन्द्र कुमार की टीम की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आवासीय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मियों की भी सघन निगरानी की जाएगी ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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