टोक्यो/लखनऊ 25 फरवरी (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के पहले दिन टोक्यो पहुंचकर जापान की अग्रणी वैश्विक व्यापार एवं निवेश कंपनी मित्सुई एंड कंपनी लिमिटेड के प्रबंध अधिकारी एवं अवसंरचना परियोजना इकाई के मुख्य परिचालन अधिकारी काजुकी शिमिजु से भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में व्यापक निवेश संभावनाओं को तलाशने के लिए औपचारिक आमंत्रण दिया।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चार प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विशेष बल दिया। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा के अंतर्गत सौर ऊर्जा, जैव ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन तथा ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं शामिल हैं। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, डिजिटल सेवाएं तथा नव उद्यम तंत्र पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त अर्धचालक निर्माण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला के विस्तार को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।चौथे प्रमुख क्षेत्र के रूप में आंकड़ा केंद्र अवसंरचना पर बल दिया गया, जिसमें विशाल आंकड़ा केंद्र, मेघ संगणना अवसंरचना तथा डिजिटल संपर्क केंद्र जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत-जापान औद्योगिक सहयोग को नई गति देने के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होने के साथ उत्कृष्ट संपर्क व्यवस्था, समर्पित माल ढुलाई गलियारा, विस्तृत द्रुतगामी मार्ग नेटवर्क तथा तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक समूहों के कारण निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।उन्होंने राज्य सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, एकल खिड़की स्वीकृति प्रणाली तथा समयबद्ध अनुमति प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख वातावरण उपलब्ध कराता है।
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