जौनपुर 25 फरवरी (आरएनएस )। ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों पर यौन शोषण का मुकदमा फर्जी करार देते हुए उसके खिलाफ कांग्रेसियों ने पार्टी के जिलाध्यक्ष डा प्रमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बुधवार को धरना प्रदर्शन कर मुकदमा वापस किए जाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि शंकराचार्य हिंदू धर्म के ध्वजवाहक होते हैं, वे साक्षात भगवान शिव के रूप में पूजे जाते हैं, ऐसे में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, मुकुन्दानंद ब्रह्मचारी सहित अन्य बटुकों और संन्यासियों के खिलाफ विद्वेष और बदले की भावना से यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराया जाना हिंदू धर्म और उनकी मान्यताओं का अपमान है। कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को प्रयाग माघ मेला क्षेत्र में जानबूझकर अपमानित किया गया, उनके शिष्यों को मारा-पीटा गया, ब्राह्मणों की शिखाओ को पकड़ कर घसीटा गया, यह सब कृत्य स्वयं को कथित तौर पर हिंदूवादी घोषित करने वाली सरकार के मुखिया द्वारा कराया जाना सनातन धर्म का खुला अपमान है, हिंदू समाज और देशवासी भाजपा को इसके लिए कभी माफ नहीं करेगा। शहर अध्यक्ष आरिफ खान ने शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि भारतीय संविधान में सबको धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करता है किंतु भाजपा सरकार बदले की भावना से धार्मिक लोगों के खिलाफ संतो को संतो लडाने का काम कर रही है। श्रीमती रेखा सिंह, देवराज पांडेय,राजकुमारी मिश्रा, शेर बहादुर सिंह, सुनीता सरोज, रीना विश्वकर्मा, राकेश यादव,इकबाल हुसैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे। धरना प्रदर्शन का संचालन संगठन प्रभारी राकेश मिश्रा ने किया।
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