लखनऊ 26 फरवरी (आरएनएस )। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के वर्ष 2026-27 के बजट को आंकड़ों की सुनियोजित बाजीगरी करार देते हुए उस पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले 2025-26 के निर्धारित बजट में बड़े पैमाने पर कटौती करती है और फिर संशोधित, घटाए गए आंकड़ों की तुलना में नई घोषणाओं को बढ़ोतरी बताकर 17 प्रतिशत, 28 प्रतिशत या 59 प्रतिशत वृद्धि का दावा करती है।संजय सिंह ने कहा कि शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति के लिए वर्ष 2025-26 में 1.03 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे संशोधित कर 84 हजार करोड़ कर दिया गया। इसके बाद 2026-27 में 1.08 लाख करोड़ घोषित कर 28 प्रतिशत वृद्धि का प्रचार किया गया। उन्होंने कहा कि वास्तविक तुलना मूल निर्धारित बजट से होनी चाहिए, न कि कटे हुए संशोधित बजट से।उन्होंने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में भी पहले बजट घटाया गया, फिर बढ़ोतरी का दावा किया गया। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण में 12 प्रतिशत कटौती के बाद मामूली वृद्धि को 24 प्रतिशत वृद्धि बताया गया। परिवहन, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी पहले 14 से 17 प्रतिशत तक कटौती की गई और बाद में 30 से 59 प्रतिशत तक वृद्धि का दावा किया गया।संजय सिंह ने आरोप लगाया कि ग्रामीण विकास में पहले लगभग साढ़े 14 प्रतिशत कटौती की गई, फिर 59 प्रतिशत वृद्धि का शोर मचाया गया। कृषि क्षेत्र में 15 प्रतिशत कटौती के बाद 51 प्रतिशत वृद्धि का दावा किया गया। उन्होंने कहा कि यह बजट नहीं, बल्कि भ्रम की पटकथा है।खर्च के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में आवास क्षेत्र में 65 प्रतिशत बजट खर्च ही नहीं हुआ। जलापूर्ति और स्वच्छता में 33 प्रतिशत, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण में 32 प्रतिशत, स्वास्थ्य में 25 प्रतिशत, शहरी विकास में 24 प्रतिशत और ग्रामीण विकास में 24 प्रतिशत कम खर्च हुआ। अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण में 23 प्रतिशत तथा कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में 21 प्रतिशत कम खर्च किया गया।उन्होंने कहा कि केवल ऊर्जा विभाग में निर्धारित बजट से अधिक व्यय हुआ, जबकि अधिकांश विभागों में बजट उपयोग की स्थिति संतोषजनक नहीं रही। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग में 40 प्रतिशत, बाल विकास में 44 प्रतिशत, कृषि में 41 प्रतिशत, ग्रामीण विकास में 23 प्रतिशत और खाद्य एवं रसद में 27 प्रतिशत तक कम खर्च की बात सामने आई। असंगठित क्षेत्र के लिए 425 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, लेकिन एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ।समग्र शिक्षा अभियान का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने कहा कि सैकड़ों विद्यालयों में भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं नहीं हैं। केंद्र से प्राप्त 9,103 करोड़ रुपये का उपयोग नहीं हो सका और राशि वापस चली गई। उन्होंने कहा कि जब बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढऩे को मजबूर हों और सरकार वृद्धि का दावा करे, तो यह शिक्षा के साथ छल है।शंकराचार्य प्रकरण पर बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी अपने हितों के लिए धार्मिक नेतृत्व को भी निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि यदि शंकराचार्य के विरुद्ध कोई अनुचित कार्रवाई की गई तो आम आदमी पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी और इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाएगी।उन्होंने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी 4 अप्रैल से 9 अप्रैल तक आगरा से मथुरा तक ‘रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो यात्राÓ का चौथा चरण निकालेगी। ब्रज क्षेत्र में यह यात्रा प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के सहयोग से आयोजित की जाएगी, जिसमें जनता को बजट और रोजगार के मुद्दों पर जागरूक किया जाएगा।बसपा विधायक उमाशंकर सिंह पर पड़े छापों को लेकर उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ राजनीतिक विद्वेष के आधार पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। यदि उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया है तो उन्हें न्याय मिलना चाहिए।जिला पंचायत चुनाव को लेकर संजय सिंह ने मांग की कि प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता द्वारा कराया जाए, ताकि सदस्यों की खरीद-फरोख्त पर रोक लग सके।उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से संबंधित विधेयक पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह समाज को जातीय आधार पर बांटने की कोशिश है।संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह बजट रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास की वास्तविक जरूरतों के बजाय घोषणाओं और प्रचार पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी और हर जिले में बजट की सच्चाई उजागर करेगी।
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