०अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की मातृ सुरक्षा हेतु जिला प्रशासन का सराहनीय प्रयास
बीजापुर,27 फरवरी(आरएनएस)। जिला चिकित्सालय, बीजापुर में उसूर विकासखण्ड के अतिसंवेदनशील ग्राम पुसबाका, मुरकीपाल, बंडेगुड़ा एवं कोत्तागुड़ा से चिन्हित हाई रिस्क प्रेगनेंसी (उच्च जोखिम गर्भावस्था) की गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। इस पहल के तहत गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु जिला चिकित्सालय आमंत्रित कर समुचित चिकित्सकीय जांच सुनिश्चित की गई। इस अवसर पर कुल 10 गर्भवती महिलाएं उपस्थित रहीं।कलेक्टर संबित मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी एवं सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सभी महिलाओं की विधिवत जांच एवं उपचार किया गया।सोनोग्राफी जांच रेडियोलॉजिस्ट डॉ. देवेन्द्र कुमार मोरला एवं डॉ. प्रशांत जगत द्वारा संपन्न की गई। इसके पश्चात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य साहू ने विस्तृत परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं औषधियां प्रदान कीं। साथ ही अस्पताल प्रशासन द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।इन महिलाओं को सुरक्षित रूप से जिला चिकित्सालय तक लाने, समन्वय स्थापित करने एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश कुमार एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक वरुण कुमार साहू का विशेष योगदान रहा।जिला प्रशासन द्वारा उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध पहचान, नियमित निगरानी, आवश्यक जांच एवं संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने के साथ-साथ दूरस्थ एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक प्रगति हो रही है।यह पहल मातृ सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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