रायपुर 27 फरवरी 2026(आरएनएस) रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र अंतर्गत विधायक कॉलोनी के पीछे स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सामने 26 फरवरी 2026 की देर रात दो कैटरिंग ग्रुपों के बीच लेन-देन के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। नशे में धुत दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी कुछ ही मिनटों में मारपीट में बदल गई। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी पार्टी “A” में योगेश साहू पिता मुकेश साहू, उम्र 26 वर्ष, निवासी काशीराम नगर, पेशा कैटरिंग मैनेजर, तथा रितेश साहू पिता संतोष साहू, उम्र 25 वर्ष, निवासी काशीराम नगर, पेशा कैटरिंग मैनेजर शामिल हैं।
आरोपी पार्टी “B” में आशुतोष पांडे पिता अशोक पांडे, उम्र 26 वर्ष, मूल निवासी कानपुर (उत्तर प्रदेश), वर्तमान निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, विधायक कॉलोनी के पीछे, जो कैटरर्स में कार्यरत है; सतबीर खींची पिता विशेश्वर राम, उम्र 51 वर्ष, मूल निवासी राजस्थान, वर्तमान निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, विधायक कॉलोनी के पीछे, कैटरिंग व्यवसायी; मो. तालिब पिता मुस्तफाक, उम्र 20 वर्ष, मूल निवासी कानपुर (उत्तर प्रदेश), वर्तमान निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, विधायक कॉलोनी के पीछे, कैटरर्स में कार्यरत; संदीप यादव पिता थानुराम यादव, उम्र 20 वर्ष, मूल निवासी राजिम, वर्तमान निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, विधायक कॉलोनी के पीछे, कैटरर्स में कार्यरत; तथा विवेक मिश्रा पिता दयाशंकर मिश्रा, उम्र 27 वर्ष, मूल निवासी कानपुर (उत्तर प्रदेश), वर्तमान में कैटरिंग कार्य से जुड़ा हुआ, शामिल हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (मारपीट), 296 (सार्वजनिक स्थान पर अशांति), 351(2) (आपराधिक धमकी), 3(5) (समान उद्देश्य) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले की विवेचना जारी है।
वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच खुलेआम हाथापाई और धक्का-मुक्की दिखाई दे रही है, जिससे रिहायशी इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। घटना के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को पकड़कर हिरासत में लिया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल की।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
थाना प्रभारी अविनाश ठाकुर और उनकी टीम की मुस्तैदी के चलते मामला बढ़ने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया। रिहायशी इलाके में हुई इस घटना से फैली दहशत को शांत करने के लिए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों से संवाद भी किया और सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
छत्तीसगढ़ पुलिस के तहत तेलीबांधा थाना की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वायरल घटनाओं पर फौरन संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि क्षेत्र में अशांति फैलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।

