पूजन-अर्चन के बाद गूंजे होली गीत, आधी रात तक चलता रहा जश्न
प्रयागराज 3 मार्च (आरएनएस )। पूर्णिमा तिथि पर सोमवार को संगम नगरी में श्रद्धा और उत्साह के साथ होलिका दहन किया गया। लोगों ने दिनभर व्रत रखा और शुभ मुहूर्त में आधी रात के बाद विभिन्न मोहल्लों में होलिका जलाई। कुछ स्थानों पर मंगलवार को भी होलिका दहन किया गया। कई स्थानों पर होलिका में लकडिय़ों के साथ गोबर के कंडे भी लगाए गए। पुरोहितों के अलग-अलग मत के चलते कई जगह देर रात तक होलिका दहन का सिलसिला जारी रहा।
इस संबंध में श्री बाघम्बरी पीठाधीश्वर महंत बलवीर गिरी महाराज ने बताया कि दो मार्च सायं 5:18 बजे से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो रही है और सायं 5:19 बजे से रात्रि 4:56 बजे तक भद्रा का प्रभाव रहेगा।
भद्रा काल में होलिका दहन शास्त्र सम्मत नहीं माना जाता, इसलिए मंगलवार प्रात: 4:57 बजे से 6:13 बजे तक सूर्योदय से पूर्व का समय होलिका दहन के लिए श्रेष्ठ रहेगा। इसके बाद चंद्रग्रहण का सूतक मान्य हो जाएगा। इसलिए श्रद्धालुओं ने निर्धारित मुहूर्त में ही विधि-विधान से होलिका दहन किया। होलिका दहन के बाद लोगों ने मंगल कामना के साथ पूजन-अर्चन किया और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस दौरान लाउडस्पीकरों पर होली के गीत गूंजते रहे। कई जगह लोगों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया और एक-दूसरे को बधाई दी।
होलिका दहन के साथ ही रंगों के पर्व होली की शुरुआत हो गई। शहर के बाजारों में भी देर रात तक रौनक बनी रही और लोग उत्साह के साथ पर्व का आनंद लेते नजर आए।
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