मथुरापुर 8 मार्च (आरएनएस)। मै तीन बार अग्नि परीक्षाओं से गुजरकर सात लाख से अधिक वोटों जीतकर जनप्रतिनिधि बना हूं, लेकिन मै अमित शाह से जानना चाहता हूं कि, आपके बेटे को देश की सर्वोच्च क्रिकेट संस्था के सिंहासन पाने के लिए कौन सी परीक्षा से गुजरना पड़ा। उक्त बात तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने मथुरापुर के गोपीनाथपुर मैदान में पार्टी के एक जनसभा में कही। उन्होंने देश के गृह मंत्री अमित शाह से तमाम सवाल किए। अभिषेक बनर्जी ने आज मथुरापुर लोकसभा क्षेत्र के मथुरापुर इलाके के गोपीनाथपुर मैदान में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित किया और अपने भाषण की शुरुआत में ही कड़े शब्दों में भाजपा पर तीखा हमला बोला। एसआईआर के मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी ने कहा, एसआईआर के कारण ही बंगाल में 60 लाख लोगों विचाराधीन करार दिया गया है। उन्हें वोट नहीं देने दिया जाएगा! क्योंकि, अगर वे वोट देंगे, तो वे तृणमूल को वोट देंगे! राजनीतिक जवाब देकर उनके राजनीतिक भविष्य को अंधकारमय करना होगा।
पीआईबी की एक तस्वीर को लेकिर अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाया औरो लोगों से कहा कि, आपलोग देख सकते हैं कि उक्त फोटो में क्या दिख रहा है। इसमें प्रधानमंत्री बैठे हैं। लेकिन राष्ट्रपति खड़ी हैं। अब बताएं क्या हम राष्ट्रपति का अपमान कर रहे हैं! राष्ट्रपति और राज्य सरकार के बीच हुई बहस पर अभिषेक ने तस्वीर दिखाकर कमेंट किया। उन्होंने कहा, यह पीआईबी की पोस्ट की हुई तस्वीर है। मेरी नहीं। राष्ट्रपति का अपमान कौन कर रहा है? देश का अपमान कौन कर रहा है? देखो। उन्होंने यह भी कमेंट किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मणिपुर में हुई हिंसा पर कोई कमेंट या बयान नहीं दिया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के बढ़ते कर्ज के आरोपों का जोरदार खंडन किया और राज्य पर वित्तीय बोझ को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणियों का जवाब दिया। एक जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि शाह ने दावा किया था कि पश्चिम बंगाल पर लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और राज्य में पैदा होने वाला हर बच्चा लगभग 77,000 रुपये के कर्ज के साथ पैदा होता है। आलोचना को खारिज करते हुए बनर्जी ने तर्क दिया कि यही तर्क देश की समग्र आर्थिक स्थिति पर भी लागू होना चाहिए। उन्होंने बताया कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले भारत का कुल सार्वजनिक ऋण लगभग 56 लाख करोड़ रुपये था। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में देश का ऋण काफी बढ़ गया है।
केंद्र सरकार के दावों को चुनौती देते हुए बनर्जी ने इस तुलना का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर भाजपा का दावा है कि बंगाल में हर बच्चा 77,000 रुपये के कर्ज के साथ पैदा होता है, तो राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति और भी गंभीर है। उन्होंने तर्क दिया कि इसी तरह की गणना के अनुसार, भारत में पैदा होने वाला हर बच्चा अब लगभग 1.44 लाख रुपये के कर्ज के बोझ तले दबकर पैदा होता है।
तृणमूल नेता ने कहा कि इस तरह की तुलना पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना में विरोधाभास उजागर करती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राजनीतिक कारणों से राज्य के कर्ज को उजागर कर रही है, जबकि इसी अवधि में देश के कुल कर्ज में हुई भारी वृद्धि को नजरअंदाज कर रही है।
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