जौनपुर 9 मार्च (आरएनएस )। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केराकत के चिकित्सा अधीक्षक, स्टाफ नर्स और आशा कार्यकर्ताओं पर मिलीभगत कर मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने तथा उनसे रकम वसूलने का आरोप सामने आया है। इस सम्बन्ध आर. जी. आर. एस. के जरिये साकिन मौजा जमीन रूधौली अर्जनपुर थाना खेतासराय, निवासी जंग बहादुर पुत्र मिठाई लाल नें शिकायत दर्ज कराई है इसकी शिकायत अकबरपुर गांव निवासी कमलेश पुत्र सीताराम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी जौनपुर सहित शासन के उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की है।शिकायतकर्ता कमलेश ने आरोप लगाया कि सीएचसी केराकत में कार्यरत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार कनौजिया, स्टाफ नर्स अंकिता पांडे, सुनीता राम सहित कुछ आशा कार्यकर्ता मिलकर मरीजों को निजी क्लीनिकों में भेजते हैं। इसके बदले निजी अस्पताल संचालकों से मोटी रकम लेकर मरीजों और उनके परिजनों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित दुर्गावती पाली क्लीनिक, कृष्णा बाल चिकित्सालय, स्टेट बैंक के पीछे रियांन्स पाली क्लीनिकल, जेपी नारायण पाली क्लीनिक तथा बुआ सिटी पाली क्लीनिक में मरीजों को रेफर किया जाता है। आरोप है कि इन क्लीनिकों में अधिकतर मामलों में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा इलाज और ऑपरेशन किए जा रहे हैं।शिकायतकर्ता के अनुसार विशेष रूप से प्रसव के मामलों में यह खेल ज्यादा देखने को मिल रहा है। रात्रि में डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं को सामान्य प्रसव न कराकर सीजर ऑपरेशन की सलाह देकर निजी अस्पतालों में भेज दिया जाता है। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से मरीजों के परिजनों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल ले जाया जाता है, जहां उनसे भारी रकम वसूली जाती है। आरोप है कि वसूली गई रकम का बंटवारा संबंधित स्टाफ और निजी अस्पताल संचालकों के बीच किया जाता है। आरोप लगाया कि जिन निजी क्लीनिकों में मरीजों को भेजा जाता है, उनमें से कई का मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में पंजीकरण भी नहीं है। इसके बावजूद वहां झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन तक किए जा रहे हैं। कई अस्पतालों में केवल नाम मात्र के डॉक्टरों के बोर्ड लगे हैं, जबकि वास्तविकता में वे डॉक्टर वहां मौजूद नहीं रहते।
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