रुद्रपुर(आरएनएस)। पूर्व सैनिकों की तीन सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एसडीएम तुषार सैनी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे ज्ञापन में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि पूर्व सैनिक रिटायर होने के बाद खटीमा में बस गए और उन्होंने जनजाति के लोगों से आपसी रजामंदी से स्टांप पर जमीन खरीदी। इन जमीनों पर बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक मकान बनाकर काबिज कास्त हैं। ऐसे पूर्व सैनिकों को भूमिधरी अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन में शामिल पूर्व सैनिकों को वर्ष 2019 तक आंदोलनकारी पेंशन दी जा रही थी, लेकिन बाद में यह कहकर पेंशन रोक दी गई कि उन्हें सेना से पेंशन मिलती है, इसलिए वे इसके हकदार नहीं हैं। जबकि पूर्व सैनिकों को मिलने वाली पेंशन सेना में सीमाओं पर सेवा और साहस के लिए दी जाती है। ऐसे में उनकी राज्य आंदोलनकारी पेंशन रोकना न्यायोचित नहीं है। उक्रांद ने पेंशन दोबारा शुरू करने की मांग की है। इसके अलावा बग्घा 54 सहित अन्य स्थानों पर वन भूमि पर रह रहे पूर्व सैनिकों को भूमिधरी अधिकार देने और उन गांवों को राजस्व ग्राम घोषित करने की भी मांग की गई। यहां शिवशंकर भाटिया, राम सिंह धामी, शंकर दत्त जोशी, जोहार सिंह पोखरिया, तेज सिंह बोरा, शिवलाल रस्तोगी, भवानी शंकर, दुर्गा शंकर, होशियार सिंह जेठी और महेश चंद आदि थे।
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