नई दिल्ली ,19 मार्च (आरएनएस)। सीडीसीएसओ ने दवा निर्माण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को दस्तावेज-आधारित बनाकर देशभर में गुणवत्ता और प्रक्रिया में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस प्रणाली में आवेदन को दो हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें कंपनी और संयंत्र से जुड़ी जानकारी के साथ-साथ उत्पाद से संबंधित परीक्षण और प्रमाणपत्र शामिल हैं।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दवा निर्माण लाइसेंस जारी करने और नवीनीकरण के लिए दस्तावेज- आधारित प्रणाली (डोजियर) लागू करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए। इसका मकसद देशभर में दवाओं की गुणवत्ता और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में एकरूपता सुनिश्चित करना है।
पिछले महीने जारी इस दस्तावेज में दवा निर्माताओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक व्यवस्थित सूची दी गई, जिसमें प्रशासनिक और तकनीकी दोनों तरह की आवश्यकताएं शामिल हैं। यह नियम दवा बनाने वाली कंपनियों पर लागू होगा, लेकिन आयुष दवाओं, प्रसाधन सामग्री और चिकित्सा उपकरणों को इससे बाहर रखा गया है।
दिशानिर्देश के अनुसार, दस्तावेज-आधारित प्रक्रिया के तहत नियामक अब आवेदन का व्यापक और व्यवस्थित तरीके से मूल्यांकन कर सकेंगे, जिसमें परीक्षण रिपोर्ट, प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल होंगे, न कि अलग-अलग आधार पर जांच होगी।
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