नईदिल्ली,20 मार्च (आरएनएस)। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सिजेआई) सूर्यकांत ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। सिजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ को आज मामले की सुनवाई करनी थी, लेकिन सिजेआई ने खुद को इससे अलग करने का विकल्प चुना। यह मामला सीईसी की नियुक्ति और सेवा शर्तों को नियंत्रित करने वाले कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं से जुड़ा है।
बार एंड बेंच के मुताबिक, सिजेआई ने सुनवाई के दौरान कहा क्या मुझे इस मामले की सुनवाई करनी चाहिए? कोई मुझ पर हितों के टकराव का आरोप लगा सकता है। याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने सुझाव दिया कि मामले को ऐसी पीठ के सामने रख सकते हैं, जिसमें कोई न्यायाधीश भावी सिजेआई बनने की कतार में न हों। तभी सिजेआई सूर्यकांत ने सुझाव को स्वीकार कर कहा, मेरे मन में यही बात थी। तब कोई कुछ नहीं कह पाएगा।
संसद द्वारा पारित कानून में चुनाव आयोग के पदों पर नियुक्ति के लिए एक चयन समिति का प्रावधान है, जिसमें प्रधानमंत्री, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष शामिल हैं। इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और सवाल उठाया गया है कि यह चुनाव आयुक्तों के चयन का कार्य सौंपे गए पैनल से सिजेआई को बाहर रखता है। इस मामले की अगली सुनवाई 7 अप्रैल को होगी।
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