नई दिल्ली,20 मार्च (आरएनएस)। दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. यह मुलाकात उपराज्यपाल के तौर पर संधू के कार्यभार संभालने के बाद पहली औपचारिक बैठक थी. हालांकि, संधू ने पहले ही दिल्ली सरकार के शीर्ष अधिकारियों, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के साथ कई बैठकें की थीं, लेकिन प्रधानमंत्री के साथ उनकी बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. क्योंकि यह दिल्ली के शासन और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का संकेत देता है.
संधू, जो एक पूर्व राजनयिक और संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत हैं उन्होंने दिल्ली के विकास के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर जोर दिया गया है. प्रधानमंत्री के साथ उनकी बैठक में, इन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, साथ ही केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय को बेहतर बनाने के तरीकों पर भी.
दिल्ली में शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संधू ने पहले ही कई कदम उठाए हैं. उन्होंने दिल्ली मेट्रो में सफर कर आम लोगों की समस्याओं को समझने की कोशिश की है और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से मिलकर कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की थी. उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य मंत्रियों के साथ भी बैठकें की हैं, ताकि दिल्ली के विकास के लिए मिलकर काम किया जा सके. इसके अलावा वो सभी सांसदों से मिल चुके हैं.
उपराज्यपाल के तौर पर संधू की अनुभव और प्रतिबद्धता दिल्ली के विकास में तेजी लाने और केंद्र सरकार के साथ समन्वय को बेहतर बनाने में मददगार होगी. नवनियुक्त एलजी ने जिम्मेदारी संभालने के बाद दिल्ली के संदर्भ में कई बातें कहीं है. संधू ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे के विकास, जैसे कि सड़कों, मेट्रो और परिवहन व्यवस्था, पर जोर दिया है. शिक्षा और स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी है.
दिल्ली में प्रदूषण एक गंभीर समस्या है. संधू ने पर्यावरण के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की है और प्रधानमंत्री से इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं और सहयोग के बारे में चर्चा की होगी. दिल्ली में शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है.
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