रुड़की,20 मार्च (आरएनएस)। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन मंदिरों व घरों में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-शांति की कामना की। शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने शक्ति के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति एवं बच्चों के दीर्घायु होने की कामना की। मेन बाजार के जगदंबा मंदिर और सीमली गांव के शिव दुर्गा मंदिर के पट खुलते ही पूजा-अर्चना शुरू हो गई। ज्योतिषाचार्य पंडित संदीप भारद्वाज शास्त्री व शिव दुर्गा मंदिर के पंडित अरविंद शर्मा ने बताया कि नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। हिंदू धर्म ग्रंथों में उन्हें तप और साधना की देवी माना गया है। उन्होंने बताया कि मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग और संयम की प्रतीक हैं। उनकी आराधना से व्यक्ति में तप करने की शक्ति बढ़ती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मां ब्रह्मचारिणी का संदेश है कि जीवन में बिना कठोर परिश्रम के सफलता प्राप्त नहीं होती।
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