कांकेर 21 मार्च (आरएनएस) सोशल मीडिया की एक दोस्ती नाबालिग के लिए खौफनाक साजिश में बदल गई। इंस्टाग्राम पर हुई पहचान ने अपहरण और दुष्कर्म जैसी गंभीर वारदात का रूप ले लिया, लेकिन फरार आरोपी को आखिरकार पुलिस ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। यह मामला एक बार फिर डिजिटल दुनिया के खतरनाक पहलुओं को उजागर करता है।
घटना की शुरुआत 24 दिसंबर 2025 को हुई, जब चारामा थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के अचानक लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की, जो जल्द ही अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध में बदल गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई शुरू की और नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया।
पीड़िता के बयान ने पूरे मामले की सच्चाई सामने ला दी। उसने बताया कि सौरभ उर्फ बिट्टू शर्मा नामक युवक ने इंस्टाग्राम के जरिए उससे दोस्ती की और भरोसा जीतकर उसे अपने साथ ले गया, जहां उसने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था और लगातार ठिकाने बदल रहा था।
पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक कुमार राखेचा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि आरोपी महाराष्ट्र के पुणे में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसे 20 मार्च 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। आरोपी सौरभ उर्फ बिट्टू शर्मा (20 वर्ष) मध्यप्रदेश का निवासी है।
इस पूरे ऑपरेशन में थाना चारामा पुलिस और साइबर टीम की भूमिका बेहद अहम रही, जिन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के सहारे आरोपी तक पहुंच बनाई और मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया।
कांकेर पुलिस ने इस घटना के बाद आम लोगों, खासकर अभिभावकों और युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों से दोस्ती करते समय बेहद सतर्क रहें। एक छोटी सी लापरवाही गंभीर अपराध में बदल सकती है। यह घटना चेतावनी है कि डिजिटल दुनिया में हर कदम सोच-समझकर रखना जरूरी है, क्योंकि खतरा अब सिर्फ सड़कों पर नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन के भीतर भी छिपा है।

