देहरादून,21 मार्च (आरएनएस)। सकारात्मक सोच और जागरूकता से ही मानसिक स्वास्थ्य सुधार संभव है। यह बात शनिवार को सजग इंडिया, यूकॉस्ट, राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से सीआईएमएस कॉलेज में सतत विकास एवं मानसिक स्वास्थ्य एक सशक्त भविष्य के लिए विषय पर आयोजित प्री कॉन्क्लेव पैनल चर्चा के दौरान वक्ताओं ने कही। राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखंड के सहायक निदेशक डॉ. पंकज कुमार ने युवाओं में तेजी से बढ़ रहे डिप्रेशन, एंग्जायटी, तनाव और आत्मसम्मान की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि जिज्ञासा और साथियों के दबाव के कारण नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिसे समय रहते सही मार्गदर्शन से रोका जा सकता है। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के वैज्ञानिक डॉ ओम प्रकाश नौटियाल ने कहा कि संचार की कमी, धैर्य की कमी और अभ्यास का अभाव मानसिक समस्याओं को बढ़ाते हैं। काउंसलर मनोवैज्ञानिक डॉ दीप्ति ध्यानी ने मानसिक स्वास्थ्य और सतत विकास के बीच गहरे संबंध को स्पष्ट करते हुए व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। सजग के संस्थापक और राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के सदस्य ललित जोशी ने कहा कि हमारे आसपास का सामाजिक वातावरण हमारे व्यक्तित्व और मानसिक स्वास्थ्य को गहराई से प्रभावित करता है। इस दौरान कालेज के प्रबंध निदेशक संजय जोशी, प्रिंसिपल डॉ चेतना, डॉ मेघा पंत, डॉ अदिति पांडेय, शेखर शर्मा, डॉ प्रियंका गुसाईं, डॉ अंजना गुसाईं, पंकज सजवान, खुशी आदि मौजूद रहे।
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