रुड़की,22 मार्च (आरएनएस)। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद गैस एजेंसियों को खोलना पड़ा और सिलेंडरों का वितरण किया गया। इसके बावजूद मांग और आपूर्ति के बीच की खाई कम नहीं हो पा रही है। शहर की विभिन्न एजेंसियों पर बैक लॉग का आंकड़ा अब 1500 के पार पहुंच गया है, जिससे आम जनता की रसोई का बजट और समय दोनों बिगड़ रहे हैं। गैस आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ऑनलाइन होने के बाद अब तकनीक ही उपभोक्ताओं के लिए फांस बन गई है। वर्तमान में कंपनियों द्वारा ऑफलाइन बुकिंग को लगभग पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जबकि ऑनलाइन बुकिंग के समय सर्वर लगातार ‘बिजी’ बता रहा है। घंटों मोबाइल और कंप्यूटर के सामने बैठने के बाद भी बुकिंग न होने से उपभोक्ता सीधे गैस एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। रविवार को भी सुबह से ही एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि समय पर सिलेंडर न मिलने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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