तेल अवीव ,23 मार्च । इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को डिमोना और अरद शहरों में हालिया मिसाइल हमलों से प्रभावित इलाकों का दौरा किया और ईरान पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटों की घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
नेतन्याहू ने कहा कि हमलों में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जहां बच्चों के डे-केयर सेंटर और बुजुर्गों के आश्रय स्थल भी मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान द्वारा क्लस्टर बम जैसे प्रतिबंधित हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
इजराइली प्रधानमंत्री ने विश्व समुदाय से इस मुद्दे पर खुलकर सामने आने की अपील करते हुए कहा कि अब निर्णायक कार्रवाई का समय आ गया है। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि इजराइल और अमेरिका की यह लड़ाई केवल अपने हितों के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए है। उन्होंने सवाल उठाया कि अन्य देश आखिर कब तक इंतजार करेंगे।
पवित्र स्थलों को भी खतरा: नेतन्याहू
नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ईरान ने यरुशलम के आसपास के पवित्र धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलें उन इलाकों में गिरीं, जहां से चर्च ऑफ द होली सेपल्चर, अल-अक्सा मस्जिद और वेस्टर्न वॉल जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल प्रभावित हो सकते थे।
डिमोना, जो नेगेव रेगिस्तान में स्थित है और बेर्शेबा से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है, वहां हुए हमले की जांच इजराइल की एयर फोर्स और होम फ्रंट कमांड द्वारा की जा रही है। यह शहर शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के पास स्थित है, जिसे इजराइल के परमाणु कार्यक्रम का अहम केंद्र माना जाता है।
ईरान पर ‘ऑयल ब्लैकमेलÓ का आरोप
नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि ईरान ने दूर स्थित डिएगो गार्सिया में अमेरिका-ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की है और उसकी मिसाइल क्षमता अब यूरोप तक पहुंच सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है और इस तरह वह दुनिया को ऑयल ब्लैकमेल कर रहा है।
हालांकि, इन आरोपों पर ईरान की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मौजूदा हालात में मध्य पूर्व में तनाव और बढऩे की आशंका जताई जा रही है।
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