लखनऊ 23 मार्च (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में किसान बर्बाद हो गया है। आलू किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिला, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि आगरा, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, इटावा और एटा समेत अन्य जिलों में आलू किसानों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। आलू की कीमत इतनी कम हो गई कि कई किसानों ने आलू की खुदाई तक नहीं कराई और ट्रैक्टरों से आलू सहित खेतों की जुताई कर दी।सोमवार को गोमतीनगर स्थित ष्ठह्म्. क्रड्डद्व रूड्डठ्ठशद्धड्डह्म् रुशद्धद्बड्ड क्कड्डह्म्द्म में डॉ. राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने किसानों का आलू खरीदने का वादा किया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आलू खरीद के लिए कितना धन निर्धारित किया गया था और वास्तव में कितना आलू खरीदा गया।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार झूठे वादे करती है और निवेश के नाम पर भी केवल प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि जो समझौते हुए थे, उनमें से कितना निवेश वास्तव में जमीन पर उतरा। उन्होंने पूछा कि निवेश किस औद्योगिक नीति के तहत आया, इसके लिए कितना प्रोत्साहन दिया गया और बजट में इसके लिए कितना प्रावधान किया गया। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि यदि निवेश हुआ है तो उससे कितने लोगों को रोजगार मिला।उन्होंने कहा कि सरकार के पास इन सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। सरकार की गलत नीतियों के कारण देश और प्रदेश की जनता लगातार परेशान हो रही है। उन्होंने कहा कि कभी नोटबंदी के दौरान लाइन लगी, कभी खाद के लिए लाइन लगानी पड़ी और अब रसोई गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। चाय-पानी के ठेले, भोजनालय और चाट की दुकानें भी गैस की कमी से प्रभावित हो रही हैं। शहरों में गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों पर भीड़ लगी हुई है, जिससे आम जनता को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।अखिलेश यादव ने कहा कि यदि युद्ध लंबा चला तो रसोई गैस का संकट और गहराएगा तथा इसकी कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, जिससे महंगाई और बढ़ेगी और आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। गोरखपुर, वाराणसी, मथुरा और बदायूं में हाल में हुई घटनाओं से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि गोरखपुर की घटना में एक राज्यसभा सदस्य द्वारा दिया गया बयान अत्यंत गंभीर है। यदि दोषियों को नहीं पकड़ा गया और सच्चाई सामने नहीं आई, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय होगा।
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