-‘मशरूम एवं स्पॉन उत्पादनÓ विषय पर किसानों को दिया गया प्रशिक्षण
अयोध्या 23 मार्च (आरएनएस)। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के पादप रोग विज्ञान विभाग अंतर्गत गोद लिए गए गांव गोकुला कंपोजिट विद्यालय में मशरूम एवं स्पॉन उत्पादन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कुलपति कर्नल डा. बिजेंद्र सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया।
कृषि अधिष्ठाता डा. प्रतिभा सिंह ने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन को एक लाभकारी एवं स्वरोजगार आधारित उद्यम के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कहा कि मशरूम एक उच्च मूल्य वाला उत्पाद है, जिसकी मांग बाजार में अधिक होती है। इससे किसानों को अच्छी आय प्राप्त हो सकती है।मशरूम उत्पादन जैविक खेती का एक अच्छा विकल्प है, जिससे किसानों को जैविक उत्पादों की मांग को पूरा करने में मदद मिलती है। पादप रोग विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. एस.के. सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम किसानों, महिलाओं एवं ग्रामीण युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मशरूम को प्रसंस्कृत करके मूल्य वर्धित उत्पाद बनाए जा सकते हैं। इससे किसानों को अधिक आय प्राप्त हो सकती है।मशरूम उत्पादन के लिए कम लागत में भूमि, पानी, और श्रम की आवश्यकता होती है। इससे किसानों को अपनी लागत कम करने और आय बढ़ाने में मदद मिलती है। डा. एस. सी. विमल व डा. सीताराम मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मशरूम उत्पादन की उपयोगिता एवं संभावनाओं पर जानकारी दी। प्रशिक्षण में किसान, महिलाएं एवं युवाओं को मिलाकर कुल 50 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। आयोजन सचिव डॉ. विवेक सिंह के संयोजन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर डॉ. एम. के. मौर्य, डॉ. ममता कुमार डा. रमेश चंद्र, प्रधान प्रतिनिधि श्रीदेवी, प्रधानाचार्य वी.सी. पांडेय मौजूद रहे।
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