अयोध्या 24 मार्च (आरएनएस)। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग में डॉ. लोहिया की 116वीं जयंती के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों की प्रासंगिकता विषयक संगोष्ठी के तकनीकी सत्र सेमिनार हॉल में संपन्न हुआ। तकनीकी सत्र की अध्यक्षता कर रहे प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव ने डॉ. लोहिया की आर्थिक विचारों से संबंधित महिलाओं की विकास में सहभागिता विषयक विवेचन प्रस्तुत करते हुए यह बताया कि यदि हमें विकास के परम लक्ष्य को प्राप्त करना है । प्रो. प्रिया कुमारी ने लोहिया की आर्थिक विचारों की चर्चा करते हुए यह बताया कि सोलह आने बनाम तीन आने की पटकथा व्यावहारिक समाज में परिलक्षित हो रही है । डॉ. अलका श्रीवास्तव ने महिलाओं के उत्थान से संबंधित लोहिया के विचारों पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। शोध पत्र में देश की आधी महिला आबादी को विकास की मुख्य धारा से जोडऩा होगा । अर्थशास्त्र विभाग की डॉ. मीनू वर्मा ने लोहिया के चौखंबा राज्य पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया । ललित कला विभाग की डॉ. रीमा सिंह ने राम कथा एवं रामायण मेला संबंधित अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। ललित कला की डॉ. सरिता द्विवेदी ने विशेषज्ञो द्वारा प्रस्तुत शोध पत्रों की विवेचना प्रस्तुत करते हुए लोहिया के आध्यात्मिक समाजवाद के द्वारा समाज के विपन्न वर्गों के उत्थान की बात कही । उन्होंने बताया कि आज धर्म और आध्यात्मिक उच्च जीवन स्तर के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्नातक विभाग के डॉ. श्याम बहादुर ने लोहिया के सामाजिक नीतिगत बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कला संकाय में स्नातक इतिहास विभाग के डॉ. अखंड प्रताप सिंह ने लोहिया के विचारों की ऐतिहासिक परिपेक्ष्यमें कालखंड से संबंधित विवेचन प्रस्तुत की । तकनीकी सत्र में मॉडरेटर का कार्य ललित कला फाइन आर्टस विभाग की डॉ. सरिता द्विवेदी ने किया। तकनीकी सत्र में 18 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अलका श्रीवास्तव ने किया।
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