लखनऊ,( आरएनएस ) 24 मार्च 2026। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को पर्यटन निदेशालय में महत्वपूर्ण बैठक कर वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जारी की गई वित्तीय स्वीकृतियों, आवंटित धनराशि तथा अब तक हुए व्यय की स्थिति का गहन आकलन किया। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बजट का उपयोग पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुख ढंग से सुनिश्चित किया जाए, जिससे पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।पर्यटन मंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधानों, स्वीकृतियों और व्यय की स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि कुल 1,69,027 लाख रुपये के प्रावधान के सापेक्ष शासन द्वारा 1,33,920 लाख रुपये, अर्थात लगभग 79 प्रतिशत की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। वहीं 1,24,757 लाख रुपये के बजट आवंटन के मुकाबले 24 मार्च 2026 तक 1,11,511 लाख रुपये से अधिक, अर्थात लगभग 89 प्रतिशत धनराशि व्यय की जा चुकी है। समीक्षा के दौरान मंत्री ने विभागीय योजनाओं में तेजी लाने और शेष बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटन विकास परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण की जा सकें और प्रदेश की पर्यटन क्षमता को और सुदृढ़ बनाया जा सके।बैठक में पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि राज्य सरकार द्वारा परियोजनाओं के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं रखी जा रही है, इसलिए अब किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, जिससे प्रदेश में पर्यटन विकास की गति और तेज हो सके।अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने प्रदेश में पर्यटन को नई गति देने के लिए राजमार्गों के किनारे यात्री सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरदोई, सीतापुर, फिरोजाबाद सहित विभिन्न जनपदों से गुजरने वाले प्रमुख राजमार्गों के किनारे आधुनिक सुविधाओं से युक्त यात्री विश्राम एवं सुविधा केंद्र विकसित करना प्राथमिकता में रखा गया है, जिससे यात्रियों और पर्यटकों को स्वच्छ शौचालय, भोजन, वाहन पार्किंग, ईंधन, सुरक्षा और विश्राम जैसी आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के विकास से यात्रा अनुभव बेहतर होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक पहुंच और अधिक सुगम बनेगी।बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार, निदेशक इको पुष्प कुमार सहित पर्यटन विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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