लखनऊ( आरएनएस ), 24 मार्च, 2026। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करते हुए हाल ही में हुई बेमौसम वर्षा, आंधी और प्रतिकूल मौसम से फसलों को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बीमा कंपनियों को कड़े निर्देश दिए कि आगामी 31 मार्च तक प्रभावित जनपदों में मौके पर जाकर सर्वे का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस महत्वपूर्ण कार्य में ढिलाई बरतने वाली कंपनियों के विरुद्ध शासन स्तर पर सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।कृषि मंत्री ने बताया कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह में बीमा कंपनियों द्वारा किए गए सर्वे की गहन समीक्षा की जाएगी, जिससे वास्तविक क्षति का सही आकलन कर प्रभावित किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराई जा सके। इस प्रक्रिया को गति देने के लिए उन्होंने मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त को निर्देशित किया है कि जिलाधिकारियों के माध्यम से सर्वे कार्य की निरंतर निगरानी कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ हर परिस्थिति में खड़ी है और प्रभावित अन्नदाताओं को त्वरित राहत प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश के 67.52 लाख लाभान्वित कृषकों को 5660.33 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की जा चुकी है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार खरीफ 2025 में 20.68 लाख किसानों का बीमा किया गया, जिसके सापेक्ष 5.39 लाख लाभान्वित कृषकों को 532.17 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वितरित की गई है। इसी प्रकार रबी 2025-26 के लिए अब तक 18.78 लाख कृषक बीमित किए जा चुके हैं, जिनमें कृषक प्रीमियम के रूप में 136.67 करोड़ रुपये तथा राज्यांश एवं केंद्रांश के रूप में 134.61-134.61 करोड़ रुपये का अंशदान जमा किया गया है। रबी मौसम के अंतर्गत वर्तमान में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी और आलू सहित आठ फसलें अधिसूचित की गई हैं।इसके अतिरिक्त पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत भी प्रदेश सरकार बागवानी फसलों की सुरक्षा के लिए सक्रिय है। वर्ष 2017-18 से अब तक इस योजना के माध्यम से 0.35 लाख लाभान्वित कृषकों को 29.01 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान खरीफ 2025 सत्र में केला, पान और मिर्च जैसी फसलों के लिए 5,671 कृषक बीमित हैं, जबकि रबी 2025-26 के अंतर्गत मटर, टमाटर, शिमला मिर्च और आम की फसलों के लिए 309 कृषकों का बीमा किया गया है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बीमा दावों की प्रक्रिया को पूर्णत: पारदर्शी बनाया जाए, जिससे पात्र किसानों को योजना का लाभ प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े।बैठक में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, कृषि निदेशक पंकज त्रिपाठी, प्रबंध निदेशक बीज निगम टी.एम. त्रिपाठी, निदेशक सांख्यिकी सुमिता सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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