नई दिल्ली ,25 मार्च,। हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में खर्चों की कई ऐसी छोटी-छोटी आदतें होती हैं, जिन पर अक्सर हमारा ध्यान नहीं जाता। इनमें सबसे बड़ा और खतरनाक नाम है सिगरेट। यह जानलेवा लत सिर्फ आपके स्वास्थ्य को ही अंदर से खोखला नहीं कर रही है, बल्कि आपकी जीवनभर की वित्तीय स्थिति को भी दीमक की तरह चाट रही है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सिगरेट के धुएं में उडऩे वाली इस भारी-भरकम रकम को तुरंत रोककर सही जगह निवेश कर दिया जाए, तो भविष्य के लिए एक बेहद मजबूत आर्थिक दीवार तैयार की जा सकती है।
दो दशकों में आसमान पर पहुंचे सिगरेट के दाम
अगर पिछले दो दशकों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो सिगरेट की कीमतों में बेतहाशा और चौंकाने वाली वृद्धि हुई है। साल 2005 में सिगरेट का जो पैकेट महज 59 रुपये में मिला करता था, आज साल 2026 में उसकी कीमत 480 रुपये के पार जा पहुंची है। महंगाई की इस डराने वाली रफ्तार को देखें तो पिछले 21 वर्षों में इसके दामों में 713 फीसदी का भारी उछाल आया है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2010 में यह 96 रुपये, 2015 में 200 रुपये और 2020 में 300 रुपये का आंकड़ा पार कर गई थी। सिगरेट की महंगाई 185 फीसदी की दर से बढ़ते हुए अब 7 गुना से भी अधिक हो चुकी है।
हर महीने धुएं में उड़ रहे हजारों रुपये
वर्तमान समय के खर्चों का आकलन करें तो अगर कोई व्यक्ति किसी प्रीमियम ब्रांड (जैसे मार्लबोरो रेड या आईटीसी गोल्ड फ्लेक किंग्स) की रोजाना 10 सिगरेट भी पीता है, तो उसका सीधा और भयानक असर उसकी जेब पर पड़ता है। एक महीने में यह फालतू खर्च करीब 7,000 से 8,000 रुपये बैठता है। सालाना आधार पर यही रकम 80,000 से 90,000 रुपये हो जाती है। कई मामलों में तो यह एक औसत वेतनभोगी की गाढ़ी कमाई का 35 प्रतिशत तक हिस्सा होता है, जो सचमुच धुएं में उड़ रहा है। आपको बता दें कि भारत में करीब 13 करोड़ लोग धूम्रपान करते हैं, जो वैश्विक स्तर पर एक बहुत बड़ा और चिंताजनक आंकड़ा है।
सिगरेट छोडि़ए और ‘निफ्टीÓ से बनाइए बड़ी दौलत
अब इस पूरे नुकसान को वित्तीय नजरिए से समझते हैं। अगर कोई व्यक्ति आज ही सिगरेट की लत छोड़कर हर साल खर्च होने वाले इन रुपयों को ‘निफ्टी एसआईपी (स्ढ्ढक्क)Ó में निवेश करना शुरू कर दे, तो उसकी जिंदगी की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। शेयर बाजार के औसत 12 फीसदी सालाना रिटर्न को ही अगर आधार मान लिया जाए, तो अगले 10 साल और उससे आगे निरंतर निवेश जारी रखने पर, कम्पाउंडिंग की ताकत से इस फंड की वैल्यू 15 से 20 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं अगर 15 साल का आंकडा देखें तो यह 35 से 40 लाख रुपये हो जाएगा। 20 साल में आप 60 से 70 लाख रुपये का फंड बना सकते हैं। यानी अपनी एक छोटी सी और जानलेवा लत को निवेश में बदलकर एक बहुत बड़ी पूंजी खड़ी की जा सकती है।
बीमारियों पर होने वाला लाखों का खर्च भी बचेगा
सिगरेट पीने से कैंसर, दमा और सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा हमेशा सिर पर मंडराता रहता है। इस लत के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के लिए अगर हर महीने 500 रुपये का एक बहुत ही मामूली मेडिकल खर्च भी जोड़ लिया जाए, तो साल भर में यह 6,000 रुपये हो जाता है। अगर कोई व्यक्ति 40 साल तक इस लत का शिकार रहता है, तो वह केवल साधारण डॉक्टर के बिलों पर ही 2,40,000 रुपये खर्च कर चुका होता है। गंभीर बीमारियों के इलाज का लाखों का खर्च तो इसके बिल्कुल अलग है। जिस रकम को धुएं में उड़ाकर बीमारियां मोल ली जा रही हैं, उसी पैसे से भविष्य के लिए एक सुंदर आशियाना, एक बेहतरीन कार या एक मजबूत बैंक एफडी तैयार की जा सकती है।
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